Axiom Mission 4: 25 जून 2025 का दिन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत बन गया, जब वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की ओर कदम बढ़ाया. अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर लॉन्च हुए Axiom-4 मिशन का हिस्सा बनकर उन्होंने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराया. इस ऐतिहासिक क्षण का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे शुभांशु के परिजन, खासकर उनकी मां, भावनाओं से भरे हुए देखती रहीं. बेटे को अंतरिक्ष में जाते देख उनकी आंखें नम हो गईं, लेकिन गर्व की चमक साफ नजर आ रही थी.
Axiom-4 मिशन: भारत सहित चार देशों के अंतरिक्ष यात्रियों की उड़ान
स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से शुरू हुई यह उड़ान अब से लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचेगी. भारतीय समयानुसार यह आगमन गुरुवार शाम साढ़े चार बजे तक होने की उम्मीद है. इस मिशन में शुभांशु शुक्ला के साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. पैगी व्हिटसन (अमेरिका) – मिशन कमांडर और पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री. टिबोर कपू (हंगरी) – मिशन विशेषज्ञ. स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड) – मिशन विशेषज्ञ. शुक्ला इस मिशन के पायलट की भूमिका निभा रहे हैं.
बार-बार टलने के बाद तय हुआ शुभ मुहूर्त
Axiom-4 मिशन का लॉन्च समय पहले कई बार बदला गया था, लेकिन अंततः 25 जून को लॉन्च फाइनल हुआ. स्पेसएक्स ने कहा कि मिशन के लिए मौसम की स्थिति 90% अनुकूल थी. लॉन्च से पहले सभी तकनीकी प्रणालियों की जांच कर ली गई थी और सब कुछ सुचारू रूप से कार्य कर रहा था.
लखनऊ के बेटे ने रचा इतिहास
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मे शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में अपनी सेवा के बाद अब अंतरिक्ष की दुनिया में कदम रखकर देश को गौरवान्वित किया है. उन्होंने न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक नई पहचान दी है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं का परिचय दिया है.
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत की भूमिका
नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस द्वारा मिलकर तैयार किए गए इस वाणिज्यिक मिशन में भारत की भागीदारी बताती है कि अब भारत केवल दर्शक नहीं, बल्कि भागीदार बन चुका है. शुभांशु जैसे अनुभवी भारतीय अफसरों का चयन यह दर्शाता है कि भारत की प्रतिभा को अब वैश्विक मंच पर सम्मान और अवसर मिल रहे हैं.
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