ऑस्ट्रेलिया में एक मुस्लिम महिला सीनेटर के साथ हुई आपत्तिजनक घटना ने एक बार फिर वहां की राजनीति में लैंगिक और धार्मिक असहिष्णुता के मुद्दे को उजागर कर दिया है. अफगानिस्तान में जन्मी और हिजाब पहनने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर पेमैन ने दावा किया है कि एक पुरुष सहकर्मी ने उनसे शराब पीने और टेबल पर डांस करने को कहा.
'शराब पिलाकर डांस देखना चाहता था सहकर्मी'
30 वर्षीय सीनेटर पेमैन ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) को दिए इंटरव्यू में बताया कि एक सहकर्मी ने उनसे बेहूदा टिप्पणी करते हुए कहा, "चलो तुम्हें शराब पिलाते हैं और तुम्हें टेबल पर डांस करते हुए देखते हैं." उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई और बताया कि वे शराब नहीं पीतीं, तो उस सहकर्मी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की.
मामला दर्ज, लेकिन नाम और तारीख गुप्त
सीनेटर पेमैन ने इस घटना को लेकर संसदीय निगरानी संस्था में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है. हालांकि, उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि यह घटना कब घटी और उस सहकर्मी का नाम क्या है. इस मामले ने ऑस्ट्रेलिया में मुस्लिम महिलाओं की आज़ादी और कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है.
पहले भी हो चुके हैं गंभीर आरोप
यह कोई पहला मामला नहीं है जब ऑस्ट्रेलियाई संसद में महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है. 2021 में ब्रिटनी हिगिंस नाम की पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि एक सहकर्मी ने संसद भवन के भीतर ही उनका यौन शोषण किया था. इस आरोप ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था. बाद की जांच में यह पाया गया कि संसद में अत्यधिक शराबखोरी, बदतमीज़ी और यौन उत्पीड़न की संस्कृति काफी हद तक व्याप्त है.
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