अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में बुधवार शाम बड़ा घटनाक्रम हुआ. व्हाइट हाउस से करीब दो ब्लॉक दूर स्थित 17th स्ट्रीट और H स्ट्रीट के चौराहे पर हुई फायरिंग में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों की मौत हो गई. डीसी के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने दोनों सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की और घटना को बेहद दुखद बताया.
घटना के तुरंत बाद जांच एजेंसियां सक्रिय
फायरिंग की सूचना मिलते ही यूएस सीक्रेट सर्विस, एटीएफ एजेंसी, और जॉइंट डीसी टास्क फोर्स की टीमों को मौके पर भेजा गया. संदिग्ध हमलावर भी इस घटना में घायल हुआ, जिसे पुलिस ने इलाज के लिए ले जाने के बाद हिरासत में ले लिया.
एपी द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि एक गार्ड को सिर में गोली लगी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
ट्रंप ने संदिग्ध को जानवर कहा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘ट्रुथ’ पर घटना की तीखी निंदा की. उन्होंने संदिग्ध को “जानवर” बताते हुए कहा कि वह “इस कृत्य की बहुत भारी कीमत चुकाएगा.”
ट्रंप ने लिखा कि वे नेशनल गार्ड और सुरक्षा एजेंसियों के साथ खड़े हैं और उनकी बहादुरी पर पूरे देश को गर्व है.
नेशनल गार्ड की तैनाती पर पहले से विवाद
डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती पिछले कई महीनों से राजनीतिक मतभेदों का विषय रही है. बढ़ते अपराध का हवाला देते हुए ट्रंप प्रशासन ने अगस्त में आदेश जारी कर डीसी पुलिस को अस्थायी रूप से फेडरल कमान के तहत रखा था और 8 राज्यों व कोलंबिया से नेशनल गार्ड बुलाए थे.
हालांकि यह आदेश एक महीने बाद समाप्त हो गया, फिर भी अनेक सैनिक शहर में तैनात रहे. पिछले सप्ताह एक संघीय जज ने डीसी में चल रही नेशनल गार्ड की तैनाती समाप्त करने का निर्देश दिया था. लेकिन अपील की संभावना देखते हुए इस आदेश को 21 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था. इसी बीच राजधानी में यह ताज़ा गोलीबारी सामने आई जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट बेस पर भी हमला
अमेरिका में सैन्य ठिकानों पर हमलों की घटनाएँ लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. इससे पहले 6 अगस्त को जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट मिलिट्री बेस में एक सैनिक ने ही बेस के भीतर गोलीबारी कर दी थी. इस हमले में पांच सैनिक घायल हुए थे.
घटना के बाद बेस के कुछ हिस्सों को सुरक्षा कारणों से अस्थाई रूप से सील किया गया. सभी घायलों को पहले मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उन्हें विन आर्मी कम्युनिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया. हमलावर सैनिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया था.
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