सऊदी-तुर्की से डील के बाद एक्शन में मुनीर, हथियार प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश, भारत पर हमले की तैयारी?

सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर अब देश में हथियारों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.

Asim Munir orders Pakistani factories to ramp up weapons production Mecca Pact
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

इस्लामाबाद: सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर अब देश में हथियारों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. इसी सिलसिले में जनरल मुनीर शनिवार को वाह स्थित पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पहुंचे. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर ने इसकी जानकारी दी है. दौरे के दौरान असीम मुनीर ने फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता का जायजा लिया और हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए तैयार रहने को कहा.

उत्पादन और निर्यात की क्षमता का लिया जायजा

आईएसपीआर के मुताबिक, इस दौरे का मकसद फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता, हथियारों के निर्यात की संभावनाओं और पाकिस्तान के रक्षा उद्योग में उसके योगदान को समझना था. इस दौरान मुनीर को फैक्ट्री के कामकाज और वहां तैयार किए जा रहे अलग-अलग सैन्य उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें स्वदेशी स्तर पर हथियारों और सैन्य सामान के विकास और उत्पादन की जानकारी भी दी गई.

मुनीर ने हथियारों के टेस्ट देखे

दौरे के दौरान असीम मुनीर ने फैक्ट्री में तैयार किए गए हथियारों और गोला-बारूद के टेस्ट और ट्रायल भी देखे. उन्हें फैक्ट्री में लगाए जा रहे दो नए औद्योगिक प्लांट के बारे में भी जानकारी दी गई. इन दोनों प्लांट में इस साल के अंत तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है.

मक्का समझौते के बाद बढ़ी हलचल

असीम मुनीर का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान ने इसी महीने की शुरुआत में सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते को इस्लामिक दुनिया का नाटो भी कहा जा रहा है. समझौते के तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है तो उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा.

बांग्लादेश को भी साथ लाना चाहता है पाकिस्तान

पाकिस्तान इस समझौते में भारत के पड़ोसी बांग्लादेश को भी शामिल करना चाहता है. पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में नजदीकी बढ़ी है और बांग्लादेश ने भी इस समझौते में रुचि दिखाई है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि अगर उनके देश को इस समझौते में शामिल होने का प्रस्ताव मिलता है तो वह उस पर विचार करेगा. उन्होंने इसे मुस्लिम दुनिया के परिवार से जुड़ा मामला बताया है.

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