बलूचिस्तान में बढ़ा तनाव तो पाकिस्तान ने लगाया लॉकडाउन, घर से निकलने पर रोक, इलाके में सेना की तैनाती

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. अलगाववादी गतिविधियों, सुरक्षा अभियानों और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने खुजदार शहर में लॉकडाउन लगा दिया है.

As tensions escalated in Balochistan Pakistan imposed a lockdown and deploying the army
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. अलगाववादी गतिविधियों, सुरक्षा अभियानों और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने खुजदार शहर में लॉकडाउन लगा दिया है. पुलिस ने अगले आदेश तक लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से मना किया है. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

बलूचिस्तान में लंबे समय से संसाधनों के बंटवारे, लोगों के लापता होने और सैन्य कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखने को मिलती रही है. हाल के दिनों में विरोध और हिंसा की घटनाओं के बाद स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है.

कई इलाकों में सैन्य अभियान तेज

खुजदार के अलावा खारान, जेहरी, कालात, मूला और जियारत जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ गई हैं. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ जगहों पर जमीन के साथ ड्रोन और हेलीकॉप्टर से भी अभियान चलाए जा रहे हैं.

खारान जिले के लिज्जे इलाके में ड्रोन हमले में एक किसान की मौत का दावा किया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य नागरिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

सेना का कहना है कि उसके अभियान संदिग्ध उग्रवादियों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे हैं. वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन कार्रवाइयों का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है.

बीएलए ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली

बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने भी अपनी गतिविधियां बढ़ाने का दावा किया है. संगठन के मुताबिक, उसने एक सप्ताह के दौरान 38 हमलों की जिम्मेदारी ली है. संगठन ने पाकिस्तानी सेना के 32 जवानों के मारे जाने का भी दावा किया है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

एक गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के बाद क्वेटा समेत कई जिलों में गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबर है. बीएलए ने पूरे प्रांत में ब्लैक डे मनाने और बंद का आह्वान किया है. इसके बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

इंटरनेट बंद होने से बढ़ी परेशानी

तनाव के बीच बलूचिस्तान के कई इलाकों में संचार और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. इससे लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने और बाहर की जानकारी हासिल करने में परेशानी हो रही है.

वहीं, कई इलाकों में युवा, महिलाएं और अन्य नागरिक अब भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बलूच यकजहती कमेटी समेत कई संगठनों की ओर से लापता लोगों की जानकारी देने, सैन्य कार्रवाई रोकने और मानवाधिकारों की सुरक्षा की मांग की जा रही है.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विरोध को रोकने के लिए गिरफ्तारियां और बल प्रयोग किया जा रहा है. इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है. प्रदर्शनकारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी बलूचिस्तान की स्थिति पर ध्यान देने और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में आवाज उठाने की अपील कर रहे हैं.

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