जहरीली हवा से परेशान दिल्ली वालों के लिए एक उम्मीद की किरण सामने आई है. दिल्ली सरकार ने IIT कानपुर के सहयोग से क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश के ज़रिए हवा को साफ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस इनोवेटिव प्रयोग को मंज़ूरी दी गई.
100 वर्ग KM क्षेत्र में 5 बार होगी क्लाउड सीडिंग
इस परियोजना के तहत आउटर दिल्ली के 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 5 बार क्लाउड सीडिंग की जाएगी, ताकि इसके प्रभावों का सही आकलन किया जा सके. इसके लिए IIT कानपुर के विशेष सेसना एयरक्राफ्ट का उपयोग होगा. एक बार की प्रक्रिया पर अनुमानित खर्च 66 लाख रुपये है, जबकि पूरे ट्रायल पर करीब 2.55 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. यदि मौसम और अन्य परिस्थितियाँ साथ दें, तो यह परीक्षण मई के अंत या जून की शुरुआत में शुरू हो सकता है.
यह कदम दर्शाता है कि दिल्ली सरकार पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने को तैयार है. यह सिर्फ प्रदूषण के खिलाफ नहीं, बल्कि एक बेहतर और स्वस्थ दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है.
ऑपरेशन सिंदूर पर धन्यवाद प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में दिल्ली सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी एक भावनात्मक और देशभक्ति से भरा प्रस्ताव पारित किया. इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह को आतंक के विरुद्ध decisive military action के लिए धन्यवाद दिया गया.
खाद्य, पर्यावरण और उद्योग मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने इस प्रस्ताव की जानकारी एक्स पर साझा की. प्रस्ताव में भारतीय सेना के साहस और सटीक कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि “पहलगाम हमले के बाद जिस दृढ़ता और रणनीतिकता से जवाब दिया गया, उसने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत न तो भूलता है, न माफ करता है.” दिल्ली सरकार ने इसे 'एकता, संकल्प और शक्ति' का प्रतीक बताया और उन वीर सैनिकों को सलाम किया जिन्होंने 26 मासूमों की शहादत का बदला लिया.
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