Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है. सोमवार शाम हुए इस विस्फोट के बाद जहां भारत की जांच एजेंसियां आतंकी कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हैं, वहीं पाकिस्तान की सेना, खुफिया एजेंसियां और सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई हैं.
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिकों में डर और असमंजस का माहौल है. कई लोग यह आशंका जता रहे हैं कि अगर इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ते हैं, तो भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.
पाकिस्तान की तीनों सेनाएं हाई अलर्ट पर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान ने अपने सभी सैन्य विंग्स थल सेना (Army), वायु सेना (Air Force) और नौसेना (Navy) को हाई अलर्ट पर रखा है. पाकिस्तान सरकार ने एक नोटाम (NOTAM) जारी किया है, जिसका उद्देश्य तनावपूर्ण हालात में हवाई यातायात को सीमित करना और एयर डिफेंस प्रोटोकॉल्स को मजबूत करना है. नोटाम आमतौर पर तभी जारी किया जाता है जब सीमाई गतिविधियों में खतरे की आशंका हो या किसी प्रकार की सैन्य तैयारी की जा रही हो.
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस्लामाबाद में सोमवार देर रात एक हाई लेवल मीटिंग हुई, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और खुफिया एजेंसी ISI के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे. हालांकि, इस बैठक की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
सोशल मीडिया पर डर और अफवाहों का माहौल
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. ट्विटर (अब एक्स), फेसबुक और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तानी यूजर्स लगातार पोस्ट कर रहे हैं. कई यूजर्स यह दावा कर रहे हैं कि भारत इस धमाके का ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़ देगा, जबकि कुछ का कहना है कि यह “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” हो सकता है.
पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर डॉ. फरहान विर्क ने एक्स पर लिखा, “अब पाकिस्तान को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा, जबकि सच्चाई कुछ और है.” वहीं तैमूर मलिक नाम के यूजर ने कहा, “यह सब एक साजिश है. दो कारों में ब्लास्ट हुआ और भारत अब हमें निशाना बनाएगा.”
दूसरी ओर, अफगान नागरिक और पाकिस्तान पर नजर रखने वाले विश्लेषक बुरहानउद्दीन ने चेतावनी दी, “आईएसआईएस (दाएश) पाकिस्तान में सक्रिय है. इस्लामाबाद को पहले अपने अंदर झांकना चाहिए.” कई पाकिस्तानी नागरिकों ने यह भी लिखा कि “अगर भारत ने सबूतों के साथ पाकिस्तान का नाम लिया, तो कूटनीतिक दबाव और बढ़ जाएगा.”
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान की खुफिया हलचल
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने राजस्थान और सिंध बॉर्डर के पास स्थित एयरबेस और सैन्य चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है. वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार सुबह से ही राजस्थान की सीमा से सटे इलाकों में सर्विलांस मिशन शुरू किया है. वहीं नौसेना ने कराची पोर्ट और अरब सागर के तटीय इलाकों में गश्त तेज कर दी है.
एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस्लामाबाद में माहौल असामान्य रूप से तनावपूर्ण है. सेना के शीर्ष अधिकारी लगातार बैठकों में व्यस्त हैं. ऐसा लग रहा है कि वे भारत की संभावित प्रतिक्रिया के लिए तैयारियां कर रहे हैं.”
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा अब तक का घटनाक्रम
सोमवार शाम करीब 6:52 बजे दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के पास एक हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ. इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने की पुष्टि हो चुकी है. CCTV फुटेज में कार चलाने वाले व्यक्ति की पहचान कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर मोहम्मद के रूप में की गई है, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था. जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह हमला फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा है, जिससे विस्फोटक और हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था.
पाकिस्तान में डर क्यों है बढ़ा?
दिल्ली ब्लास्ट की जांच के दौरान जब फरीदाबाद मॉड्यूल और जम्मू-कश्मीर नेटवर्क के बीच संबंध सामने आए, तो खुफिया सूत्रों ने संभावना जताई कि इसका अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पाकिस्तान या अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र से हो सकता है.
पिछले कुछ वर्षों में भारत में हुए कई आतंकी हमलों में पाकिस्तान आधारित संगठनों, जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, और हिजबुल मुजाहिदीन की भूमिका पाई गई थी. इसी वजह से इस बार भी पाकिस्तान में यह डर है कि अगर जांच में सबूत मिले, तो भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेर सकता है, बल्कि कूटनीतिक और सैन्य दबाव भी बढ़ा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सख्त प्रतिक्रिया
दिल्ली ब्लास्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भूटान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बयान दिया. उन्होंने कहा, “यह घटना बेहद विचलित करने वाली है. हम इसे पूरी गंभीरता से देख रहे हैं. किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और गुनहगारों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद गृह मंत्रालय ने एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को जांच सौंप दी है. दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अभियान चल रहा है, जबकि बॉर्डर इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं.
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