बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, कट्टरपंथियों ने युवक को सरेआम मारी गोली, 3 हफ्ते में 5वीं वारदात

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

Another Hindu shot dead in Bangladesh 5th incident in 3 weeks
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Bangladeshi Hindu: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जेस्सोर ज़िले के मोनिरामपुर क्षेत्र में सोमवार, 5 जनवरी 2026 को दोपहर के समय एक हिंदू व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई. मृतक की पहचान 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है. यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हैं, लेकिन अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार, राणा प्रताप बैरागी पर अचानक हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. घटना के बाद से इलाके में तनाव और भय का माहौल देखा जा रहा है. पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है.

तीन हफ्तों में पांचवीं घटना, बढ़ती असुरक्षा

राणा प्रताप बैरागी की हत्या को जोड़कर देखा जाए तो बीते लगभग तीन हफ्तों में हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों के खिलाफ यह पांचवीं गंभीर हिंसक घटना बताई जा रही है. इन लगातार घटनाओं ने बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल खड़ा करती हैं.

पुलिस ने शुरू की जांच, हमलावरों की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की. मोनिरामपुर थाने के प्रभारी राजिउल्लाह खान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि दोषियों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज़ किए गए हैं, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

शरियतपुर की घटना ने पहले ही बढ़ा दिया था तनाव

इससे पहले, 31 दिसंबर 2025 को नए साल की पूर्व संध्या पर शरियतपुर ज़िले के दमुद्या उपजिले में एक और गंभीर घटना सामने आई थी. वहां एक हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर एक उग्र भीड़ द्वारा हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था, जहां 3 जनवरी 2026 की सुबह उनकी मृत्यु हो गई.

इस घटना ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश को जन्म दिया था, खासकर अल्पसंख्यक समुदायों के बीच. मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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