अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आज दावोस के लिए रवाना होना था, जहां वे विश्व आर्थिक मंच (WEF) की अहम बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं. लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही उनके विमान में तकनीकी खराबी सामने आ गई, जिसके चलते सफर को बीच में ही रोकना पड़ा. सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को तुरंत वापस वॉशिंगटन लौटने का फैसला लिया गया.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, टेकऑफ के बाद एयरफोर्स वन के क्रू को विमान में एक इलेक्ट्रिकल दिक्कत का संकेत मिला. किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए, पायलटों ने विमान को जॉइंट बेस एंड्रयूज़ (JBA) वापस लाने का निर्णय लिया. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रतिनिधिमंडल अब किसी दूसरे विमान से स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे.
एयरफोर्स वन क्यों माना जाता है खास
अमेरिकी राष्ट्रपति आमतौर पर जिस विमान से यात्रा करते हैं, उसे एयरफोर्स वन कहा जाता है. यह दरअसल एक तकनीकी पदनाम है. डोनाल्ड ट्रंप के बेड़े में बोइंग 747 के दो विशेष विमान हैं, जिनके कोड नंबर 28000 और 29000 हैं. इन विमानों पर अमेरिकी राष्ट्रीय प्रतीक और झंडा अंकित होता है. एयरफोर्स वन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हवा में ही ईंधन भरने में सक्षम है. इसके अलावा किसी आपात स्थिति या हमले के दौरान यह उड़ता हुआ कमांड सेंटर बन सकता है, जिससे राष्ट्रपति हर हाल में देश की कमान संभाल सकें.
दावोस में वैश्विक नेताओं की बड़ी जुटान
स्विट्जरलैंड के दावोस में 20 से 24 जनवरी 2025 तक विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक आयोजित की जा रही है. इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख और वैश्विक दिग्गज शामिल हो रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप करीब छह साल बाद इस मंच पर लौट रहे हैं. इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 21 जनवरी 2020 को दावोस में संबोधन दिया था. फिलहाल, तकनीकी दिक्कत के बावजूद ट्रंप के दावोस पहुंचने की तैयारी जारी है और माना जा रहा है कि वे वैकल्पिक विमान से जल्द ही स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में हालात को देखते हुए भारत का बड़ा निर्णय, डिप्लोमैट्स के परिवार वापस बुलाया