अमेरिका में मंगलवार रात एक बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया। सरकारी खर्चों को मंज़ूरी देने वाला ज़रूरी फंडिंग बिल सीनेट में पास नहीं हो सका, जिसके चलते आधी रात के बाद से कई सरकारी विभागों ने अपना कामकाज बंद कर दिया है.
स्थानीय समयानुसार रात 12 बजे (भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:30 बजे) से अमेरिका में शटडाउन लागू हो गया है. इसका सीधा असर लाखों सरकारी कर्मचारियों, सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों पर पड़ेगा.
सीनेट में बिल गिरा, सिर्फ 55 वोट मिले
सीनेट में पेश इस फंडिंग बिल को पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की ज़रूरत थी, लेकिन वोटिंग के दौरान केवल 55 सीनेटरों का समर्थन मिल पाया. नतीजतन, प्रस्ताव गिर गया और सरकार के पास खर्च चलाने का वैध आधार खत्म हो गया.रिपब्लिकन पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता जॉन थ्यून ने कहा,“डेमोक्रेट्स ने सरकार को बंद कर दिया है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि कोई समाधान जल्दी निकलेगा.
दोनों दलों में मतभेद, आम सहमति नहीं बन पाई
फंडिंग बिल को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा था. रिपब्लिकन पार्टी इस बिल को "साफ और सीधा" बताते हुए इसका समर्थन कर रही थी. वहीं, डेमोक्रेट्स की मांग थी कि बिल में हेल्थकेयर सब्सिडी का विस्तार,घरेलू सामाजिक योजनाओं में कटौती की वापसी, और बेरोज़गारी योजनाओं में सुधार को भी शामिल किया जाए.गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, जब समझौता नहीं बन पाया, तो व्हाइट हाउस बजट ऑफिस ने सभी सरकारी एजेंसियों को 'शटडाउन प्लान' लागू करने का निर्देश जारी कर दिया.इस मेमो पर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन के बजट डायरेक्टर रसेल वॉट ने हस्ताक्षर किए, और डेमोक्रेट्स को स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया.
शटडाउन का मतलब क्या होता है?
अमेरिका में हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति 30 सितंबर को होती है। इसके बाद नया बजट लागू करने के लिए संसद को आवश्यक फंडिंग बिल पास करने होते हैं. यदि समय पर यह फंडिंग मंज़ूर नहीं होती, तो सरकार के पास खर्च करने का कानूनी अधिकार नहीं रहता. इसे ही ‘गवर्नमेंट शटडाउन’ कहा जाता है. इस दौरान हज़ारों फेडरल कर्मचारी या तो अनिवार्य छुट्टी पर भेजे जाते हैं या बिना वेतन काम करते हैं. नागरिक सेवाएं, जैसे पासपोर्ट, वीज़ा प्रोसेसिंग, लाइसेंस, कुछ हेल्थ सर्विसेज प्रभावित होती हैं. सैन्य बल और इमरजेंसी सर्विस चालू रहती हैं, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया जाता. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि “सेना और रिज़र्व फोर्स नियमित रूप से काम करेंगी, लेकिन फिलहाल उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा.”
असर सिर्फ प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगा
यह शटडाउन अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी असर डालेगा. फाइनेंशियल मार्केट्स में उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की चिंता और जनता में असमंजस की स्थिति बनने की पूरी संभावना है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच टकराव अब सीधे देश के प्रशासनिक ढांचे पर असर डाल रहा है. फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन जब तक कोई ठोस सहमति नहीं बनती,अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा "बंद" ही रहेगा.
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