भारत पर परमाणु हमला करो...अमेरिका में गोलियां बरसाने वाला भारत से करता था नफरत; VIDEO जारी करने लगा मांग

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर से एक बेहद दर्दनाक और दिल झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. बुधवार सुबह एक शांत और पवित्र माहौल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चर्च के अंदर अज्ञात हमलावर ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.

america minneapolis church snipper hates india message to india
Image Source: Social Media

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर से एक बेहद दर्दनाक और दिल झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. बुधवार सुबह एक शांत और पवित्र माहौल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चर्च के अंदर अज्ञात हमलावर ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. यह हमला उस समय हुआ, जब चर्च में बच्चों और बुज़ुर्गों की प्रार्थना सभा चल रही थी.

हमले में 8 और 10 साल के दो छोटे बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. मृतकों में तीन बुज़ुर्ग भी शामिल हैं, जो रोज़ाना की तरह अपनी प्रार्थना में शामिल होने आए थे.

हमलावर की पहचान और चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस ने हमलावर की पहचान रॉबिन वेस्टमैन के रूप में की है. जांच में सामने आया है कि वेस्टमैन कभी इसी चर्च से जुड़े स्कूल में पढ़ाई कर चुका था. वर्ष 2017 तक वह इस संस्थान का छात्र रहा, लेकिन उसके बाद उसने खुद को ट्रांसजेंडर घोषित किया और कानूनी रूप से अपना नाम बदल लिया. हमले से पहले वेस्टमैन ने सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया.

इस वीडियो में उसने अपने हथियारों पर लिखे नफरत भरे संदेश दिखाए. सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि एक हथियार पर "न्यूक इंडिया"  यानी "भारत पर परमाणु हमला करो"  जैसा भयानक संदेश उकेरा गया था. इसके अलावा हथियारों पर "बच्चों के लिए", "तुम्हारा भगवान कहां है?", और "डोनाल्ड ट्रंप को अभी मारो" जैसे शब्द भी लिखे थे.

चर्च के अंदर का मंजर

यह घटना उस वक्त हुई, जब चर्च में किंडरगार्टन से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चे नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के लिए प्रार्थना में हिस्सा ले रहे थे. लगभग सौ से ज़्यादा लोग चर्च के अंदर मौजूद थे, जिनमें से अधिकतर बच्चे और बुज़ुर्ग थे. हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के गोलियां बरसानी शुरू कर दी, जिससे हर तरफ चीख-पुकार मच गई.

राष्ट्रव्यापी शोक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

हमले के बाद अमेरिका भर में मातम छा गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को ‘मानवता पर हमला’ करार देते हुए पीड़ितों के सम्मान में राष्ट्रीय झंडों को आधा झुकाने का आदेश दिया है. वेटिकन से पोप लियो ने गहरी संवेदना प्रकट की और पीड़ित परिवारों के लिए ‘शांति और साहस’ की प्रार्थना की.

FBI की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने पुष्टि की है कि इस हमले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है. होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने हथियारों पर लिखे संदेशों को देखते हुए इसे ‘बहुत ही चिंताजनक और घातक सोच’ का प्रतीक बताया. अमेरिकी कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से अब तक चर्चों और ईसाई धार्मिक संस्थानों पर करीब 390 हमले हो चुके हैं. लेकिन इस बार की घटना ने सभी सीमाएं पार कर दीं, क्योंकि इसमें मासूम बच्चों को निशाना बनाया गया.

यह भी पढ़ें: 'दखलअंदाजी नहीं करेंगे बर्दाश्त', इस पिद्दी देश की महिला PM ने ट्रंप को दी चेतावनी