Sharm el-Sheikh Talks: गाजा पट्टी में दो वर्षों से जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया गया है. मिस्र के शार्म अल-शेख शहर में आज से एक अहम शांति वार्ता शुरू होने जा रही है, जिसमें इजराइल, हमास और अमेरिका के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे.
इस वार्ता का उद्देश्य है डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 20-पॉइंट शांति योजना के पहले चरण को लागू करना.
कौन-कौन होंगे बातचीत में शामिल?
अमेरिका: विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके साथ जारेड कुशनर (राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद) भी मिस्र पहुंच चुके हैं और बातचीत में भाग ले सकते हैं.
हमास: प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व खलील अल-हय्या कर रहे हैं.
इजराइल: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी रॉन डर्मर इस वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं.
ट्रंप की शांति योजना
तत्काल युद्धविराम लागू किया जाएगा. हमास 72 घंटों में 48 बंधकों को रिहा करेगा. इजराइल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. गाजा से इजराइली सेना की वापसी तब तक नहीं होगी, जब तक हमास हथियार नहीं डालता. गाजा में अंतरराष्ट्रीय प्रशासन स्थापित होगा, जिसमें ट्रंप और टोनी ब्लेयर की भूमिका तय की गई है. हमास का प्रशासनिक और सैन्य हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त किया जाएगा. मानवीय सहायता की बड़े पैमाने पर संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रिसेंट की निगरानी में आपूर्ति की जाएगी.
हमास के लिए सबसे बड़ी बाधा, हथियार छोड़ने की शर्त
हमास ने बंधकों की रिहाई और कई शर्तों पर सहमति जताई है, लेकिन वह हथियार छोड़ने को फिलहाल तैयार नहीं है. इजराइल का स्पष्ट रुख है कि बिना हथियार छोड़े कोई अंतिम समझौता नहीं हो सकता. हमास ने एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी अथॉरिटी को प्रशासन सौंपने की इच्छा जरूर जताई है, लेकिन इस पर भी कई मतभेद हैं.
नेतन्याहू और ट्रंप की रणनीति
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, “हम ट्रंप की योजना को लागू करने को तैयार हैं, लेकिन अंतिम युद्धविराम तभी संभव होगा जब हमास आत्मसमर्पण करे और अपने हथियार त्यागे.” वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वह जल्दी निर्णय नहीं लेता, तो ‘सभी शर्तें खत्म’ मानी जाएंगी.
वार्ता कितने दिनों तक चलेगी?
शांति वार्ता की अवधि अभी तय नहीं है, लेकिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि यह प्रक्रिया “कुछ दिनों में पूरी हो सकती है.” ट्रंप ने हमास को जल्द फैसला लेने का अल्टीमेटम भी दे दिया है.
अब तक कहां फंसी है बातचीत?
हमास के वरिष्ठ नेता मौसा अबू मार्जूक ने कहा कि वे भविष्य में गाजा की फिलिस्तीनी सरकार को हथियार सौंपने को तैयार हैं, लेकिन यह अभी संगठन की आधिकारिक नीति में शामिल नहीं है. उसामा हमदान ने स्पष्ट किया कि हमास किसी भी विदेशी सेना या सरकार को गाजा का प्रशासन नहीं सौंपेगा. इधर इजराइल चाहता है कि गाजा के कुछ सीमित हिस्सों पर उसका रणनीतिक नियंत्रण बना रहे, जिस पर हमास की आपत्ति है.
दो साल बाद उम्मीद की लौ
गौरतलब है कि गाजा युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले से हुई थी. दो साल बाद हो रही यह वार्ता क्षेत्रीय स्थायित्व के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है.
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