वॉशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस की एक ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने रखी हैं. इस रिपोर्ट में खासतौर पर उन समूहों का जिक्र किया गया है, जो भारत और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर केंद्रित रहे हैं.
कई आतंकी संगठनों का उल्लेख
रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान की जमीन से अब भी कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं. इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-जिहाद इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठन शामिल हैं.
इन संगठनों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बताया गया है, खासकर भारत से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में.
पाकिस्तान: केंद्र और लक्ष्य दोनों
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान एक ओर जहां इन गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों के लिए संचालन का केंद्र बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर वह खुद भी इनके निशाने पर रहता है.
इनमें से कई संगठन 1980 के दशक से सक्रिय हैं और समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई के बावजूद इनका नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है.
12 संगठनों को बताया ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’
यह रिपोर्ट अमेरिकी सांसदों को जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिसे दक्षिण एशिया विशेषज्ञ के. एलन क्रोनस्टैड ने संकलित किया है.
रिपोर्ट में कुल 15 संगठनों का विश्लेषण किया गया है, जिनमें से 12 को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित किया गया है. इनमें से अधिकतर समूह कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रेरित बताए गए हैं.
पांच श्रेणियों में बांटे गए संगठन
रिपोर्ट में इन संगठनों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है—
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2014 में शुरू की गई ‘राष्ट्रीय कार्य योजना’ का उद्देश्य देश में सक्रिय सशस्त्र समूहों को खत्म करना था.
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