Alien Attack On Earth: हर बार जब धरती पर किसी संभावित खतरे की खबर आती है, तो इंसान के मन में सबसे पहले सवाल उठता है, क्या अब सच में दुनिया खत्म होने वाली है? हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक रहस्यमयी स्पेस ऑब्जेक्ट की खोज की है, जो इतनी तेज़ी से पृथ्वी की दिशा में बढ़ रहा है कि इससे लेकर वैज्ञानिक समुदाय तक में हलचल मच गई है.
यह ऑब्जेक्ट इतना विशाल बताया जा रहा है कि इसका आकार न्यूयॉर्क के मैनहैटन जितना बड़ा है. कुछ वैज्ञानिकों का तो यहां तक मानना है कि यह कोई सामान्य धूमकेतु या क्षुद्रग्रह नहीं, बल्कि किसी एलियन सभ्यता का अंतरिक्ष यान भी हो सकता है.
क्या है यह रहस्यमयी ऑब्जेक्ट?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध एस्ट्रोफिजिसिस्ट एवी लोएब और उनकी टीम ने एक ऐसी वस्तु को ट्रैक किया है, जिसे उन्होंने 31/ATLAS नाम दिया है. यह ऑब्जेक्ट इस नवंबर के अंत तक सूरज के बेहद करीब पहुंचने वाला है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह इतनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है कि इसे अभी तक पूरी तरह से अध्ययन करना मुश्किल साबित हो रहा है.
सबसे पहले इसे एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल इंपैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) के टेलीस्कोप ने चिली के रियो हर्टाडो में देखा था. रिसर्चरों का अनुमान है कि इसकी चौड़ाई लगभग 10 से 20 किलोमीटर के बीच है और यह 60 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से अंतरिक्ष में गतिमान है.
क्या यह वाकई एलियन क्राफ्ट हो सकता है?
लोएब और लंदन की इनिशिएटिव फॉर इंटरस्टेलर स्टडीज के वैज्ञानिकों की मानें तो इसकी गति और संरचना सामान्य धूमकेतुओं से कुछ अलग दिखाई देती है. यही कारण है कि इसे एक "संभावित एलियन स्पेसक्राफ्ट" के रूप में भी देखा जा रहा है. टीम का कहना है कि जब यह सूरज के करीब पहुंचेगा, तो इसकी सतह पर तेज़ तापमान परिवर्तन से इसका असली रूप सामने आ सकता है.
क्या धरती पर इसका असर होगा?
फिलहाल, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि यह रिसर्च पूरी तरह से हाइपोथेटिकल यानी सैद्धांतिक है. अभी तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि यह ऑब्जेक्ट सच में पृथ्वी से टकराने वाला है या यह किसी बाहरी सभ्यता का जहाज है. फिर भी, एवी लोएब चेतावनी देते हैं कि यदि ऐसा कोई ऑब्जेक्ट कभी सचमुच पृथ्वी के रास्ते में आ गया, तो यह मानव सभ्यता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है.
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