Ajit Doval Canada Visit: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल अगले महीने की शुरुआत में कनाडा की राजधानी ओटावा का दौरा करेंगे. यह दौरा कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार (NSIA) नथाली ड्रोइन के सितंबर 2025 में भारत दौरे के लगभग छह महीने बाद हो रहा है.
उस समय नई दिल्ली में ड्रोइन और डोभाल के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. अब इस बातचीत को आगे बढ़ाने और ठोस नतीजों तक पहुंचाने के उद्देश्य से डोभाल ओटावा जा रहे हैं.
द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक समझौतों पर असर
डोभाल के इस दौरे की पृष्ठभूमि में यह भी है कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च 2026 में पहली बार भारत आने वाले हैं. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम, ऊर्जा, अहम खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार जैसे क्षेत्रों में कई समझौते होने की संभावना है. ऐसे में डोभाल का दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और बातचीत की गति बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर फोकस
NSA अजीत डोभाल का दौरा भारत और कनाडा के बीच चल रहे ‘सिक्योरिटी एंड लॉ एनफोर्समेंट डायलॉग’ का हिस्सा है. इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और रणनीतिक सहयोग को उच्चतम स्तर पर मजबूती प्रदान करना है. ओटावा स्थित भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के अनुसार, इस दौरे में दोनों देशों के अधिकारी सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
इस पूरी प्रक्रिया का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश के खिलाफ आतंकवादी संगठनों, आपराधिक गिरोहों या अन्य नकारात्मक गतिविधियों के लिए न किया जा सके. दोनों देश चाहते हैं कि उनके नागरिक एक-दूसरे के देशों में सुरक्षित रहें और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में बेहतर तालमेल बने.
भारत-कनाडा के बीच सहयोग की वर्तमान स्थिति
भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ वर्षों में कुछ संवेदनशील मुद्दों के चलते तनाव रहा है. भारत ने कई बार चिंता जताई है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक चरमपंथी पंजाब में अलगाववाद फैलाने की गतिविधियों में लगे हुए हैं. वहीं, कनाडा को अपने देश में हिंसा और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों की चिंता है.
इस स्थिति से निपटने के लिए कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के बीच लगातार संपर्क और सहयोग जारी है. दोनों एजेंसियों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठकों के जरिए मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं.
2023 की घटनाओं ने बढ़ाया था तनाव
भारत-कनाडा संबंधों में तनाव 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बढ़ा. उस समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इसके बाद दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया और रिश्तों में तल्खी आ गई.
अब दोनों देशों ने आपसी विश्वास को बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. इसी कड़ी में सितंबर 2025 में दिल्ली में ड्रोइन और डोभाल की मुलाकात हुई थी, जो G7 शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाओं की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी. इस दौरे को वर्तमान और भविष्य में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है.
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