Ajit Doval News: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब हर नागरिक इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर देश के लिए काम करेगा.
पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 ग्रहण करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में डोभाल ने कहा कि युवाओं को अपने छोटे-छोटे निजी हितों से ऊपर उठकर देश के लिए काम करने का संकल्प लेना चाहिए.
देश के लिए पूरी निष्ठा से काम करें युवा
अजीत डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पूरी तरह राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कभी निजी हित और देशहित के बीच चुनाव करना पड़े, तो युवाओं को हमेशा देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत इस समय अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश के सामने विकास का बड़ा अवसर है. ऐसे समय में सभी नागरिकों को मिलकर देश निर्माण में योगदान देना चाहिए.
#WATCH | Pune, Maharashtra | NSA Ajit Doval says, "Young people today might assume that India has always been the way it is now, or they might mistake freedom for the mere liberty to do whatever one desires. But that is not what freedom truly means."
— ANI (@ANI) August 1, 2026
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विकसित भारत का सपना जरूर होगा पूरा
डोभाल ने भरोसा जताया कि भारत अपने लक्ष्य को जरूर हासिल करेगा. उन्होंने कहा कि देश एक नया इतिहास लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में विकसित भारत का सपना साकार होगा. उन्होंने यह भी कहा कि देश को मजबूत नेतृत्व मिला है, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार काम कर रहा है.
लोकमान्य तिलक के योगदान को किया याद
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान को भी याद किया. उन्होंने कहा कि तिलक केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि समाज सुधारक और महान विचारक भी थे. उन्होंने बताया कि जब पुणे में प्लेग फैला था और उनके बेटे की मृत्यु हो गई थी, तब भी तिलक शहर छोड़कर नहीं गए. उन्होंने कठिन समय में भी लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा की.
आजादी का सही मतलब समझने की जरूरत
डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि देश की आजादी बहुत बड़े संघर्ष और बलिदान के बाद मिली है. उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब केवल अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीना नहीं है, बल्कि देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी है. उन्होंने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को याद रखने की अपील की.
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी रखें ध्यान
अजीत डोभाल ने कहा कि आज लोग अपने अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन कर्तव्यों को अक्सर भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों ने अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों का भी संदेश दिया था. उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए.
सम्मान स्वीकार करते हुए जताया आभार
अजीत डोभाल ने लोकमान्य तिलक के नाम पर मिला यह सम्मान विनम्रता के साथ स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए गर्व की बात है. कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया. डोभाल ने अमित शाह के नेतृत्व और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की भी सराहना की.
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