क्रिकेट इतिहास में दर्ज अजिंक्य रहाणे का अनोखा कारनामा, 100 साल में भी कोई नहीं तोड़ पाएगा ये रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के शांत, संयमित और भरोसेमंद चेहरों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर एक शानदार अध्याय का अंत कर दिया है.

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भारतीय क्रिकेट के शांत, संयमित और भरोसेमंद चेहरों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर एक शानदार अध्याय का अंत कर दिया है. पिछले कुछ वर्षों में रोहित शर्मा, विराट कोहली और अब रहाणे जैसे दिग्गजों के विदा होने से भारतीय क्रिकेट का एक सुनहरा दौर धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है. हालांकि रहाणे सिर्फ अपने बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि एक ऐसे कप्तान के रूप में भी याद किए जाएंगे, जिनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे दोहराना आने वाले वर्षों में बेहद मुश्किल माना जाएगा.

टेस्ट कप्तानी में ऐसा रिकॉर्ड, जो आज भी अटूट है

अजिंक्य रहाणे को कभी भारतीय टेस्ट टीम की स्थायी कप्तानी नहीं मिली, लेकिन जब भी उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने उसे पूरी मजबूती से निभाया. रहाणे ने कुल छह टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिनमें टीम ने चार मुकाबले जीते जबकि दो मैच ड्रॉ रहे. सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारत एक भी टेस्ट मैच नहीं हारा. पांच या उससे अधिक टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी करने वाले कप्तानों में वह पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका हार का कॉलम आज भी खाली है.

ऑस्ट्रेलिया में रचा था ऐतिहासिक कारनामा

रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार पल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर देखने को मिला, जब उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया. नियमित कप्तान की गैरमौजूदगी में उन्होंने युवा खिलाड़ियों के साथ ऐसी रणनीति बनाई कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया. वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के केवल दूसरे कप्तान बने. यही उपलब्धि उनकी कप्तानी को भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक अलग पहचान दिलाती है.

सीमित ओवरों में भी शानदार रहा कप्तानी का प्रदर्शन

टेस्ट क्रिकेट के अलावा रहाणे ने तीन वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी टीम इंडिया की कप्तानी की. उनकी कप्तानी में भारत ने तीनों वनडे मैच जीते, जबकि टी20 में एक जीत और एक हार मिली. यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तान के तौर पर उन्होंने कुल 11 मैचों में भारत का नेतृत्व किया और सिर्फ एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. यह आंकड़ा बताता है कि जब भी टीम को उनकी जरूरत पड़ी, उन्होंने शांत दिमाग और संतुलित फैसलों से टीम को मजबूती दी.

आंकड़ों से कहीं बड़ी है रहाणे की विरासत

अजिंक्य रहाणे का करियर केवल रन और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाला और बिना किसी शोर-शराबे के अपनी जिम्मेदारी निभाई. उनकी कप्तानी का नाबाद टेस्ट रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा एक खास स्थान रखेगा. मौजूदा दौर में जहां हर कप्तान को लगातार कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में छह टेस्ट मैचों तक अजेय रहने का यह रिकॉर्ड आने वाले कई दशकों तक भारतीय क्रिकेट की सबसे अनोखी उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

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