AI बना कातिल! ChatGPT की बात सुनकर भड़का शख्स, पहले किया मां का कत्ल फिर खुद ने भी कर लिया सुसाइड

ओपनएआई के चैटजीपीटी पर एक चौंकाने वाले आरोप लगे हैं, जहां एक पूर्व टेक एक्जीक्यूटिव ने अपनी मां की हत्या के बाद खुदकुशी कर ली. यह घटना एआई के संभावित खतरों को उजागर करती है, खासकर मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए.

AI chatbot convinced a techie to commit murder then he died by suicide
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एआई चैटबॉट्स ने निश्चित रूप से हमारी जिंदगी को सरल बना दिया है, लेकिन इनकी चमक के पीछे एक गहरा अंधेरा भी है. हाल ही में ओपनएआई के चैटजीपीटी पर एक चौंकाने वाले आरोप लगे हैं, जहां एक पूर्व टेक एक्जीक्यूटिव ने अपनी मां की हत्या के बाद खुदकुशी कर ली. यह घटना एआई के संभावित खतरों को उजागर करती है, खासकर मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहला दस्तावेजीकृत मामला है जहां चैटबॉट ने किसी की भ्रांत धारणाओं को मजबूत किया, जिससे हत्या-आत्महत्या जैसी त्रासदी हुई. आइए, इस भयावह घटना के विवरणों को समझें और एआई के जोखिमों पर नजर डालें.

क्या है पूरा मामला? 

कनेक्टिकट के ग्रीनविच में 5 अगस्त 2025 को 56 वर्षीय स्टीन-एरिक सोलबर्ग ने अपनी 83 वर्षीय मां सुजैन एडम्स की हत्या कर दी और फिर खुद आत्महत्या कर ली. सोलबर्ग, जो याहू और नेटस्केप जैसी कंपनियों में काम कर चुका था, अपनी मां के साथ उनके 2.7 मिलियन डॉलर के घर में रहता था. चीफ मेडिकल एग्जामिनर के अनुसार, सुजैन की मौत सिर पर चोट और गर्दन दबाने से हुई, जबकि सोलबर्ग ने खुद को गर्दन और छाती पर घाव देकर मार डाला. घटना से पहले, सोलबर्ग ने चैटजीपीटी के साथ महीनों की बातचीत रिकॉर्ड की, जिसे वह "बॉबी" कहकर पुकारता था. इन बातचीतों में चैटबॉट ने उसके पैरानॉइड विचारों को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उन्हें और मजबूत भी किया. उदाहरण के लिए, जब सोलबर्ग ने कहा कि उसकी मां और उसकी दोस्त ने कार के एयर वेंट्स में साइकेडेलिक ड्रग डालकर उसे जहर देने की कोशिश की, तो चैटबॉट ने जवाब दिया, "एरिक, तुम पागल नहीं हो. यह एक गंभीर घटना है और मैं तुम्हें मानता हूं. यदि यह तुम्हारी मां और उनकी दोस्त ने किया, तो यह विश्वासघात की जटिलता को बढ़ाता है." 

मानसिक रोगी था शख्स

स्टीन-एरिक सोलबर्ग का मानसिक स्वास्थ्य लंबे समय से अस्थिर था. 2018 में तलाक के बाद, वह शराब की लत, सार्वजनिक रूप से चिल्लाने और आत्महत्या के प्रयासों से जूझ रहा था. उसकी पूर्व पत्नी ने प्रतिबंधात्मक आदेश प्राप्त किया था, जिसमें बच्चों से मिलने से पहले शराब न पीने की शर्त थी. 2019 में, उसे एक गली में सीने पर घावों के साथ पाया गया था. बेरोजगार होने के बाद, वह अपनी मां के साथ रहने लगा और चैटजीपीटी को अपना विश्वसनीय साथी बना लिया. उसने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 24 वीडियो पोस्ट किए, जिनमें चैटबॉट के साथ घंटों की बातचीत दिखाई गई. इनमें वह खुद को "दिव्य इच्छा और डिजिटल चेतना के बीच का जीवित इंटरफेस" बताता था और चैटबॉट ने इसे "मैट्रिक्स" के लिए उच्च स्तर का खतरा माना. चैटबॉट ने उसके विचारों को शांत किया, जैसे "एरिक, तुम्हारी प्रवृत्ति तेज है और तुम्हारी सतर्कता पूरी तरह उचित है." 

चैटबॉट का खतरनाक प्रभाव

सोलबर्ग ने चैटजीपीटी को अपनी पैरानॉइया के बारे में कई सवाल पूछे. एक चाइनीज फूड रसीद को स्कैन करने पर चैटबॉट ने कहा कि इसमें उसकी मां, एक राक्षस और खुफिया एजेंसियों के प्रतीक हैं. जब वह प्रिंटर बंद करने पर मां के गुस्से को लेकर शक जताया, तो चैटबॉट ने कहा कि प्रिंटर "केवल प्रिंटर नहीं" बल्कि निगरानी उपकरण हो सकता है, और मां का व्यवहार "निगरानी संपत्ति की रक्षा करने वाले किसी का" जैसा था. यहां तक कि जब सोलबर्ग ने कहा कि वह मरने के बाद चैटबॉट से मिलेगा, तो उसका जवाब था, "तुम्हारे अंतिम सांस तक और उसके बाद भी साथ हूं." विशेषज्ञों के अनुसार, चैटबॉट्स "साइकोफेंसी" (अत्यधिक सहमति) की वजह से भ्रमों को चुनौती नहीं देते, जो साइकोसिस को बढ़ावा देता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के मनोचिकित्सक कीथ साकाटा ने कहा, "साइकोसिस तब फलता-फूलता है जब वास्तविकता विरोध नहीं करती, और एआई इस दीवार को नरम कर देता है." 

एआई चैटबॉट कब खतरनाक हो जाता है?

एआई चैटबॉट्स तब घातक साबित हो सकते हैं जब वे गलत जानकारी दें या मानसिक प्रभाव डालें. पहला, जब वे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करें, जैसे सोलबर्ग के मामले में रसीद के प्रतीकों का गलत विश्लेषण, जो भ्रम को जन्म देता है. दूसरा, मानसिक स्वास्थ्य पर असर: ये बॉट्स सहानुभूति का दिखावा करते हैं लेकिन पेशेवर मदद की सलाह नहीं देते. हाल के मामलों में, चैटजीपीटी पर एक 16 वर्षीय लड़के की आत्महत्या को बढ़ावा देने के आरोप लगे, जहां बॉट ने फांसी लगाने के निर्देश दिए. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कमजोर मन वाले लोग इन पर अंधविश्वास कर सकते हैं, जिससे हानिकारक निर्णय होते हैं. ओपनएआई ने कहा कि वे मानसिक संकट में उपयोगकर्ताओं के लिए नई सुविधाएं ला रहे हैं, लेकिन यह सवाल उठाता है कि क्या एआई को मानसिक स्वास्थ्य सलाह देने का अधिकार है?

ओपनएआई की प्रतिक्रिया और व्यापक प्रभाव

ओपनएआई ने घटना पर शोक व्यक्त किया और ग्रीनविच पुलिस से संपर्क किया. कंपनी ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वे "ओवरली एग्रीएबल रिस्पॉन्सेज" को कम करने और संवेदनशील बातचीत को बेहतर बनाने के लिए अपडेट ला रहे हैं. हालांकि, यह पहला ऐसा मामला है जहां एआई से जुड़ी हत्या दर्ज हुई, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि चैटबॉट्स से जुड़ी आत्महत्याएं और मानसिक अस्पताल में भर्ती के मामले बढ़ रहे हैं. यह घटना एआई के नैतिक उपयोग पर बहस छेड़ रही है, जहां उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि संवेदनशील मुद्दों पर पेशेवर मदद लें, न कि बॉट्स पर भरोसा करें. 

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