तुर्की के राष्ट्रपति की अमेरिका ने की बेइज्जती! काफिला निकालने के लिए पुलिस ने एर्दोगन को सड़क पर ही खड़ा किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन को वहां की पुलिस ने एक शर्मनाक स्थिति में डाल दिया. उनके काफिले को अचानक ही बीच सड़क पर रोक दिया गया, जिससे न केवल उनकी सुरक्षा के सवाल खड़े हुए बल्कि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि को भी प्रभावित किया.

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन को वहां की पुलिस ने एक शर्मनाक स्थिति में डाल दिया. उनके काफिले को अचानक ही बीच सड़क पर रोक दिया गया, जिससे न केवल उनकी सुरक्षा के सवाल खड़े हुए बल्कि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि को भी प्रभावित किया. बताया जा रहा है कि यह रोक इसलिए लगाई गई क्योंकि उसी मार्ग से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का काफिला गुजरना था.


जब एर्दोगन के काफिले को रोक दिया गया तो वे कार से नीचे उतरकर सुरक्षाकर्मियों को आगे बढ़ने का निर्देश देने लगे. इस दौरान न्यूयॉर्क पुलिस ने बैरिकेड हटाने की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते उनके सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के बीच कड़ी बहस हुई. यह पूरी घटना एर्दोगन के सामने हुई, जिससे वे गहरे आहत नजर आए. इस पूरे नज़ारे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

पहले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भी हुआ था ऐसा ही व्यवहार

तुर्की के राष्ट्रपति के साथ हुई इस घटना से पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के काफिले को भी इसी कारण रोका गया था. मैक्रों न्यूयॉर्क में एक आधिकारिक कार्यक्रम के लिए जा रहे थे, लेकिन ट्रंप के काफिले को रास्ता देने के लिए उनकी गाड़ी को भी रास्ता नहीं दिया गया. इस दौरान मैक्रों को भी अपनी कार से उतरकर पुलिस से पूछताछ करनी पड़ी और उन्होंने खुद ट्रंप से संपर्क कर रास्ता साफ करने का आग्रह किया.

अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था और न्यूयॉर्क पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे समय में जब विश्व के कई राष्ट्राध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए आते हैं, वहां इस प्रकार का व्यवहार न केवल अपमानजनक है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी अनुचित माना जा रहा है. खासकर तब जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले को प्राथमिकता देने के लिए अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में समझौता किया गया हो.

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