S Jaishankar In SCO: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले ही मॉस्को का माहौल गर्म हो गया है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से बातचीत की, बल्कि SCO की बैठक में भारत का रुख बेहद स्पष्ट शब्दों में दुनिया के सामने रखा.
और दिलचस्प बात यह है कि जब वे आतंकवाद पर भारत का स्टैंड रख रहे थे, उस दौरान सामने की पंक्ति में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार बैठे थे और जयशंकर के शब्दों का असर उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था.
My remarks at SCO Council of Heads of Government meeting in Moscow.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) November 18, 2025
https://t.co/uis0JJCH5I
SCO बैठक में भारत की सख्त चेतावनी
अपने संबोधन में जयशंकर ने याद दिलाया कि SCO की स्थापना का मकसद ही तीन खतरों से लड़ना था, अलगाववाद, चरमपंथ और आतंकवाद. लेकिन आज ये खतरे पहले से कई गुना ज्यादा भयानक रूप ले चुके हैं.
उन्होंने साफ कहा, "दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाना ही होगा. भारत अपने लोगों की सुरक्षा का पूरा अधिकार रखता है और जरूरत पड़ने पर यह अधिकार इस्तेमाल करेगा." यह बयान सामान्य नहीं था, यह एक कूटनीतिक संदेश था, वह भी ऐसे समय जब दिल्ली में हुए ताज़ा आतंकी हमले के तार पाकिस्तान में बैठे संगठनों से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं.
पाकिस्तान पर कड़ी चोट, बिना नाम लिए सीधा निशाना
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मामले में न कोई बहाना चलेगा, न कोई ढिलाई, और न ही किसी तरह की ढकापोंटी स्वीकार होगी. जब पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है, ऐसे में यह बयान इशाक डार की मौजूदगी में देना भारत की कूटनीति की मजबूती को दिखाता है. बैठक में माहौल ऐसा था कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री के चेहरे पर पड़ रही हर बात की गर्माहट साफ देखी जा सकती थी.
दिल्ली हमले की गूंज और पाकिस्तान की बढ़ती घबराहट
जयशंकर का यह कड़ा बयान उस समय आया है जब हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकी हमले को लेकर सभी शक की सुई एक बार फिर पाकिस्तान की ओर घूम चुकी है. हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाए जा रहे हैं, वही संगठन जो पाकिस्तान में खुलेआम फल-फूल रहा है. इसी वजह से इस वक्त पड़ोसी देश में “ऑपरेशन सिंदूर पार्ट 2” की चर्चा और डर दोनों ही बढ़ चुके हैं.
पुतिन की भारत यात्रा से पहले बड़ी कूटनीतिक तैयारी
रूस-भारत संबंधों के नए अध्याय से पहले यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जयशंकर और लावरोव की मुलाकात, SCO में भारत का मजबूत रुख, और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की कड़ी चेतावनी, ये सभी घटनाएं संकेत देती हैं कि आने वाले समय में भारत की कूटनीतिक सक्रियता और अधिक तेज़ होने वाली है.
यह भी पढ़ें- रूस से व्यापार करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाएंगे ट्रंप, तेल खरीदने वालों पर लग सकता है 500% टैरिफ