गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए दूसरों पर आरोप... इस्लामाबाद मस्जिद में हुए विस्फोट पर आया MEA का बयान

Islamabad Mosque Blast: इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद के भीतर हुए विस्फोट के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत पर आरोप लगाए गए. इस हमले में कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए.

Accusing others to divert attention from serious problems MEA statement on Islamabad mosque blast
Image Source: Social Media

Islamabad Mosque Blast: इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद के भीतर हुए विस्फोट के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत पर आरोप लगाए गए. इस हमले में कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए. घटना के तुरंत बाद पाकिस्तान के कुछ आधिकारिक और राजनीतिक हलकों से भारत का नाम उछाला गया, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया. हालांकि, इन आरोपों के सामने आते ही भारत ने कड़ा रुख अपनाया और साफ शब्दों में इस पूरे मामले से खुद को अलग बताया.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे निंदनीय करार दिया. मंत्रालय ने कहा कि मस्जिद में हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों के प्रति भारत गहरी संवेदना व्यक्त करता है और पीड़ित परिवारों के दुख में सहभागी है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस हमले में भारत की कोई भूमिका नहीं है. बयान में कहा गया कि पाकिस्तान अपने देश के भीतर पैदा हो रही गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए बार-बार दूसरों पर आरोप लगाने की आदत में फंसा हुआ है. भारत ने ऐसे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और तर्कहीन बताते हुए खारिज कर दिया.

पाकिस्तान के भीतर बढ़ती अस्थिरता की तस्वीर

इस्लामाबाद की घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के अंदरूनी हालात पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कुछ वर्षों से देश के भीतर आतंकी घटनाएं, सांप्रदायिक तनाव और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं. धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाना इस बात का संकेत है कि कट्टरपंथ और हिंसा की जड़ें अब समाज के भीतर तक फैल चुकी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक आतंकवादी संगठनों को पनाह देने और उन्हें रणनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल करने की नीति का असर अब पाकिस्तान को खुद भुगतना पड़ रहा है.

आरोपों के पीछे ध्यान भटकाने की रणनीति

पाकिस्तान में इस समय महंगाई, बेरोजगारी, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा संकट जैसी कई गंभीर समस्याएं मौजूद हैं. आम लोग सरकार से जवाब मांग रहे हैं और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे माहौल में अक्सर बाहरी दुश्मन का कार्ड खेलकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है. भारत पर आरोप लगाना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि आंतरिक नाकामियों से नजर हटाई जा सके. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब इस तरह के आरोपों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता, क्योंकि वैश्विक समुदाय पाकिस्तान में आतंकवाद की जड़ों और उसकी जटिल स्थिति से भली-भांति परिचित है.

भारत की दो टूक स्थिति और आगे का संदेश

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह आतंकवाद के हर रूप का विरोध करता है और किसी भी निर्दोष नागरिक की मौत को गलत मानता है. इस्लामाबाद की घटना पर संवेदना जताते हुए भारत ने यह भी कहा कि बिना किसी सबूत के लगाए गए आरोपों से सच्चाई नहीं बदलती. भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति सतर्क है और किसी भी तरह के दुष्प्रचार का मजबूती से जवाब देने को तैयार है. संदेश साफ है कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक चुनौतियों से निपटने के लिए जिम्मेदार कदम उठाने होंगे, न कि हर संकट का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ने की कोशिश करनी होगी.

ये भी पढ़ें- भयंकर धमाके से दहला इस्लामाबाद, जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में हुआ ब्लास्ट, 50 से ज्यादा लोगों की मौत