पंजाब की खडूर साहिब विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को स्थानीय अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है. यह सजा उन्हें महिला के साथ छेड़छाड़ और मारपीट के 12 साल पुराने मामले में दोषी पाए जाने पर दी गई. कोर्ट ने 10 सितंबर को उन्हें दोषी ठहराया और 12 सितंबर को सजा सुनाई गई. उनके साथ 10 अन्य आरोपी भी दोषी करार दिए गए हैं.
क्या था मामला?
3 मार्च 2013 को तरनतारन के गोइंदवाल साहिब में एक शादी समारोह के दौरान एक महिला पर हमला हुआ था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि मनजिंदर सिंह लालपुरा, कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और मारपीट की. इस केस में IPC की धारा 354, 323, 506, 148, 149 और SC-ST Act के तहत केस दर्ज किया गया था.
क्या अब खत्म होगी विधायक की सदस्यता?
कानून के अनुसार, अगर किसी विधायक को दो साल से अधिक की सजा होती है, तो उसकी विधायक पद की सदस्यता स्वत: समाप्त हो सकती है. ऐसे में लालपुरा की सदस्यता पर तलवार लटक रही है. हालांकि इस पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष या उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद होगा.
टैक्सी ड्राइवर से विधायक तक का सफर
जब ये घटना हुई थी, उस वक्त मनजिंदर सिंह लालपुरा एक टैक्सी ड्राइवर थे. लेकिन साल 2022 में AAP ने उन्हें टिकट दिया और वे 55,756 वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर विधायक बने.
सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है मामले में दखल
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था. कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़िता, उसके रिश्तेदार जगजीत सिंह और गांव के सरपंच को पैरामिलिट्री सुरक्षा देने का आदेश दिया था. इसके अलावा, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी 2013 में 7 पुलिसकर्मियों को तत्काल ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे.
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