West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राज्य में नई सरकार के गठन के बाद अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपनी टीम को अंतिम रूप देने जा रहे हैं. नबन्ना सचिवालय में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में 35 नए मंत्री पद की शपथ लेंगे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्यपाल आर.एन. रवि नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय सदन में बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के डेढ़ दशक लंबे शासन का अंत किया था.
संतुलन और प्रतिनिधित्व पर रहेगा फोकस
मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा नेतृत्व विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई कैबिनेट में ऐसे चेहरों को जगह दी जा सकती है जो अलग-अलग इलाकों और समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हों. इससे सरकार न केवल राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास करेगी, बल्कि संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित करना चाहेगी.
उत्तर बंगाल के नेताओं को मिल सकता है बड़ा मौका
सूत्रों के अनुसार इस विस्तार में उत्तर बंगाल के कई नेताओं की भूमिका अहम रहने वाली है. माथाभांगा से विधायक निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज है. वहीं कूचबिहार-दक्षिण के विधायक रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. इसके अलावा दीपक बर्मन और शंकर घोष जैसे नेताओं के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं.
पहली बार विधायक बने नेताओं पर भी भरोसा
भाजपा नेतृत्व नए और युवा चेहरों को भी जिम्मेदारी देने के पक्ष में दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि पहली बार विधानसभा पहुंचे कुछ नेताओं को मंत्री पद देकर सरकार नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहती है. संभावित नामों में शंकर घोष, मनोज ओंराओ, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, शारद्वत मुखोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, दुधकुमार मंडल और तापस राय शामिल बताए जा रहे हैं.
विभागों के बंटवारे पर भी रहेगी नजर
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ विभागों के आवंटन को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है. माना जा रहा है कि सरकार कुछ प्रमुख मंत्रालयों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करना चाहती है. खासतौर पर शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है.
महिला नेताओं और चर्चित चेहरों को भी मिल सकती है जगह
इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है. सूत्रों का दावा है कि दो या उससे अधिक महिला नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. साथ ही सांस्कृतिक और फिल्म जगत से जुड़े कुछ चर्चित चेहरों को भी सरकार में भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही है. अभिनेता से राजनेता बने रुद्रनील घोष का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसे में सोमवार का शपथ ग्रहण समारोह केवल मंत्रियों के चयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बंगाल की नई राजनीतिक दिशा का संकेत भी देगा.
ये भी पढ़ें: 'हीटवेव से रहें सतर्क...', मन की बात में PM मोदी ने दी गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह, बताए देसी नुस्खे