पहलगाम हमले के 48 घंटे के भीतर बना प्लान, तय किए गए टारगेट... सामने आई पाकिस्तान की तबाही की कहानी

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना (IAF) ने 48 घंटे के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले की योजना तैयार की थी.

A plan to attack Pakistan was made within the Pahalgam attack
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना (IAF) ने 48 घंटे के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले की योजना तैयार की थी. इस त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया ने भारत के सैन्य क्षमताओं और इंटेलिजेंस संचालन की शक्ति को फिर से साबित किया. भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के दौरान की गई रणनीतिक योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और हमले के विवरण को साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय सशस्त्र बलों के पास पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों पर कितनी सटीक और गहरी जानकारी थी.

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया

22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर हमला किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई. यह हमला भारतीय सुरक्षा बलों और नागरिकों के लिए एक बड़ा झटका था और एक मजबूत जवाबी कार्रवाई की आवश्यकता थी. हमले के 48 घंटे के भीतर भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए अपने आक्रमक ऑपरेशन की योजना बना दी थी.

इस पूरी घटना की समय रेखा और रणनीति को भारतीय वायु सेना के वाइस चीफ, एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने एक प्रमुख रक्षा सम्मेलन में साझा किया. उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर को कैसे त्वरित निर्णय के तहत क्रियान्वित किया गया और किस तरह यह सुनिश्चित किया गया कि पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों को समय रहते जवाब दिया जाए.

ऑपरेशन सिंदूर: टाइमलाइन और कार्य योजना

वायु सेना के अधिकारी ने ऑपरेशन सिंदूर के पूरा होने की समय रेखा पर विस्तृत जानकारी दी, जिससे यह साफ हुआ कि भारतीय सेना ने कितनी तत्परता और रणनीतिक कौशल के साथ इस अभियान को अंजाम दिया. ऑपरेशन सिंदूर की योजना और कार्यान्वयन में कुल मिलाकर कुछ मुख्य घटनाएं घटित हुईं, जो इस प्रकार थीं:

22 अप्रैल 2025: पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. इस हमले ने भारतीय सेना को पाकिस्तान और PoK में सक्रिय आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस कराई.

23 अप्रैल 2025: भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संभावित रणनीतियों और विभिन्न विकल्पों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. इस बैठक में पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने पर जोर दिया गया.

24 अप्रैल 2025: भारतीय वायु सेना ने अपनी कार्य योजना तैयार की और कई संभावित विकल्पों पर विचार किया. इस दौरान इंटेलिजेंस जानकारी का विश्लेषण किया गया, ताकि हमला पूरी तरह से सटीक और प्रभावी हो.

29 अप्रैल 2025: पाकिस्तान और PoK के अंदर प्रमुख आतंकी ठिकानों का चयन किया गया और हमले की तैयारी तेज कर दी गई. इस समय तक सभी प्रमुख टारगेट तय किए जा चुके थे.

4 मई 2025: हमले के लिए दिन और समय निर्धारित किया गया. भारतीय सशस्त्र सेनाओं को यह फैसला लिया गया कि यह ऑपरेशन 6 और 7 मई 2025 की दरमियानी रात को अंजाम दिया जाएगा, और इस कार्यवाही के लिए शीर्ष नेतृत्व ने पूरी छूट दी थी.

6-7 मई 2025: ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के भीतर स्थित 9 प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को सटीकता से नष्ट कर दिया.

सशस्त्र सेनाओं की इंटेलिजेंस और रणनीति

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के पीछे भारतीय सशस्त्र बलों की गहरी इंटेलिजेंस और पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी थी. कुल मिलाकर 9 टारगेट तय किए गए थे, जिनमें से सात टारगेट भारतीय सेना को दिए गए थे, जिन्हें आर्टिलरी और क्रॉस-एलओसी ऑपरेशन के तहत निष्पादित किया जाना था. शेष दो टारगेट पाकिस्तान के भीतर घुसकर भारतीय वायु सेना को नष्ट करने का कार्य सौंपा गया था.

इन दो प्रमुख ठिकानों में से एक था लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय, जो पाकिस्तान के मुदीरके शहर में स्थित था. यह ठिकाना अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 30 किलोमीटर दूर था. दूसरा था जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर, जो बहावलपुर शहर में स्थित था और जो सीमा से 100 किलोमीटर अंदर था. इन दोनों ठिकानों पर आतंकवादियों के बड़े सरगनाओं की उपस्थिति और उनके ट्रेनिंग कैंपों की पुख्ता जानकारी मिली थी, और यह ठिकाने पहले से ही भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा निगरानी में थे.

पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकाने नष्ट

ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के अंदर दो प्रमुख आतंकवादी संगठनों, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर त्वरित और निर्णायक हमला किया.

मुदीरके (लश्कर-ए-तैयबा): भारतीय वायु सेना ने मुदीरके में लश्कर-ए-तैयबा के चार ठिकानों को नष्ट किया. इनमें संगठन का प्रशासनिक ब्लॉक, मरकज और दो प्रमुख आतंकवादी सरगनाओं के घर शामिल थे. यह हमला संगठन की महत्वपूर्ण संरचनाओं को पूरी तरह से ध्वस्त करने के उद्देश्य से किया गया था.

बहावलपुर (जैश-ए-मोहम्मद): जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित पांच प्रमुख ठिकानों को भी भारतीय वायु सेना ने नष्ट किया. इनमें संगठन के सरगनाओं के घर और इसके प्रशासनिक कार्यालय शामिल थे. यह हमला जैश के नेटवर्क को कमजोर करने और संगठन के संचालन को बाधित करने के लिए किया गया.

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