Case Against Nitish Reddy: क्रिकेट की दुनिया में किस्मत कब करवट ले ले, कहना मुश्किल होता है. अभी कुछ दिन पहले तक टीम इंडिया के उभरते ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी इंग्लैंड के हरे मैदानों पर अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच रहे थे. लेकिन एक घुटने की चोट ने उन्हें सीरीज से बाहर कर दिया. वे इससे उबर भी नहीं पाए थे कि एक नया विवाद उनके करियर पर साया बनकर मंडराने लगा है. अब उन पर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप लगा है और मामला सीधे दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है.
पुराना करार, नया विवाद
यह विवाद नीतीश रेड्डी और उनकी पूर्व टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी ‘स्क्वायर द वन’ के बीच हुआ है. बताया जा रहा है कि जब नीतीश तेजी से लाइमलाइट में आ रहे थे, तब उनका तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट इस एजेंसी के साथ था. लेकिन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान किसी अनबन के चलते उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया और एक अन्य क्रिकेटर की सिफारिश पर किसी दूसरी एजेंसी से जुड़ गए.
स्क्वायर द वन ने इस कार्रवाई को “अनुबंध उल्लंघन” बताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कंपनी के डायरेक्टर शिव धवन के अनुसार, रेड्डी न केवल कॉन्ट्रैक्ट के तहत बकाया पैसे देने से मुकर गए, बल्कि उनके द्वारा कराए गए मीडिया प्रमोशन और एंडोर्समेंट्स का भी हिसाब नहीं दे रहे हैं.
नीतीश का पलटवार
वहीं दूसरी ओर, नीतीश रेड्डी भी इस आरोप को सिरे से खारिज करते हैं. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अदालत में स्पष्ट कहा है कि एजेंसी की कोई भूमिका नहीं थी, और जिन ब्रांड डील्स की बात की जा रही है, वो उन्होंने अपने स्तर पर हासिल की थीं. उन्होंने कोई पैसा देने से इनकार किया है, और कहा है कि वे भी कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं. अब सभी की निगाहें 28 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
एक युवा करियर के लिए दोहरी चुनौती
जहां एक ओर चोट ने नीतीश को मैदान से दूर कर दिया है, वहीं दूसरी ओर यह विवाद उनके प्रोफेशनल इमेज के लिए चुनौती बनकर खड़ा है. इंग्लैंड सीरीज में मिले मौके में उन्होंने 45 रन बनाए और 3 विकेट भी झटके, जिससे उनका आत्मविश्वास और टीम में पकड़ मजबूत हुई थी. मगर इस नए विवाद ने सबको हैरान कर दिया है.
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