नई दिल्ली: देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी स्थित भव्य अक्षरधाम मंदिर में आज सुबह राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु वंदना और राष्ट्रध्वज पूजन के साथ हुई, जिसमें देश के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं.
इस अवसर पर BAPS संस्था (अक्षरधाम संस्थान) के अंतरराष्ट्रीय संयोजक सद्गुरु पूज्य ईश्वरचरण स्वामीजी की पावन उपस्थिति में ध्वजारोहण समारोह सम्पन्न हुआ. उन्होंने राष्ट्रध्वज फहराया और उसे सलामी दी, जिसके बाद सभी उपस्थित श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और सुरक्षाकर्मियों ने राष्ट्रगान में भाग लेकर देश के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान प्रकट किया.
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि
समारोह में देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायी वक्तव्यों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया. स्वतंत्रता दिवस परेड में मंदिर सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवकों के साथ-साथ परिसर में ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने भी भाग लिया. इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके बलिदान को याद किया गया.
सद्गुरु ईश्वरचरण स्वामीजी ने अपने आशीर्वचन में कहा, "आज हम भारत का 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. यह अवसर हमें स्मरण कराता है उन अनगिनत देशभक्तों की तपस्या और बलिदान की, जिनके कारण हमें यह आजादी प्राप्त हुई. आज के दिन हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भारत हर क्षेत्र में प्रगति करे, सभी समस्याओं का समाधान हो और हर नागरिक सुखी हो."
गुरु योगीजी महाराज के राष्ट्रप्रेम की चर्चा
स्वामीजी ने विशेष रूप से गुरु योगीजी महाराज के राष्ट्रप्रेम की भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि योगीजी महाराज ने अपने गुरु शास्त्रीजी महाराज की आज्ञा से भारत की स्वतंत्रता के लिए रोज 25 मालाओं का जाप किया था. उनका यह तप और भक्ति भी भारत की स्वतंत्रता की यात्रा का एक मौन लेकिन महत्वपूर्ण योगदान रहा.
88 वर्ष की आयु में भी स्वामीजी ने इस पर्व को पूरे हृदय से मनाया और सभी को देशसेवा, नैतिक मूल्यों के पालन और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा दी.
अक्षरधाम परिसर में बड़ी संख्या में बालक, युवा, महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी ने तिरंगे को सम्मानपूर्वक नमन किया और भारत की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत पर गर्व व्यक्त किया.