इजरायल के खिलाफ 57 मुस्लिम देश! इस्लामिक राष्ट्रों ने बुलाई आपात बैठक, क्या मध्य-पूर्व में बढ़ेगा तनाव?

Arab Islamic Summit: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और कतर पर हालिया इज़रायली हमले के बीच मुस्लिम दुनिया अब एकजुट होती दिख रही है. कतर की राजधानी दोहा इस समय कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है, जहां सोमवार को 50 से अधिक मुस्लिम देशों के नेता एक आपात बैठक के लिए जुटे हैं.

57 Muslim countries against Israel emergency meeting tension increase Middle East
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Arab Islamic Summit: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और कतर पर हालिया इज़रायली हमले के बीच मुस्लिम दुनिया अब एकजुट होती दिख रही है. कतर की राजधानी दोहा इस समय कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है, जहां सोमवार को 50 से अधिक मुस्लिम देशों के नेता एक आपात बैठक के लिए जुटे हैं.

इस बैठक की मेजबानी कतर कर रहा है और इसमें सऊदी अरब, ईरान, पाकिस्तान, तुर्की जैसे क्षेत्रीय प्रभावशाली देश शामिल हो रहे हैं. यह समिट इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अरब लीग के संयुक्त बैनर तले आयोजित हो रही है, जिसे "अरब-इस्लामिक इमरजेंसी समिट" नाम दिया गया है.

इस कूटनीतिक गतिविधि का सीधा संबंध उस इज़रायली हमले से है जो पिछले हफ्ते दोहा में हुआ, जहां हमास से जुड़े नेताओं को निशाना बनाया गया था. इस हमले ने मुस्लिम देशों के भीतर गंभीर असंतोष और आक्रोश पैदा कर दिया है, और अब वे सामूहिक प्रतिक्रिया की रणनीति पर विचार कर रहे हैं.

कतर की भूमिका और OIC की सक्रियता

इस शिखर बैठक से पहले रविवार को मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई, जहां सोमवार को होने वाली उच्चस्तरीय चर्चा के एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया. कतर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस बैठक में इज़रायली हमले के जवाब में संभावित कूटनीतिक और राजनीतिक कदमों पर चर्चा होगी.

57 सदस्यीय इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की इस बैठक में उम्मीद की जा रही है कि 50 से अधिक सदस्य देशों के प्रमुख व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे, जिससे यह संकेत जाएगा कि मुस्लिम दुनिया इज़रायल के आक्रामक रुख के खिलाफ एक स्वर में खड़ी है.

"कतर अकेला नहीं" 

अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गेत ने बयान जारी कर कहा कि दोहा में हो रही यह बैठक एक स्पष्ट संदेश देती है कि "कतर इस संकट में अकेला नहीं है. अरब और इस्लामी दुनिया उसके साथ खड़ी है." यह बयान इस क्षेत्रीय गठजोड़ की गहराई और गंभीरता को दर्शाता है.

कतर के प्रधानमंत्री का कड़ा रुख

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने रविवार को कहा कि इज़रायल अब अंतरराष्ट्रीय नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है. उन्होंने वैश्विक समुदाय से दोहरे मापदंडों को समाप्त करने और इज़रायल को दंडित करने की मांग की.

पाकिस्तान की पहल, 7 सूत्रीय प्रस्ताव पेश

पाकिस्तान, जो इस समिट में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहा है, ने रविवार को हुए विदेश मंत्रियों की बैठक में सात-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया. पाकिस्तानी डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि इज़रायल को संयुक्त राष्ट्र से निष्कासित किया जाए, इस्लामी देशों की एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए, और कूटनीतिक दबाव बढ़ाया जाए ताकि इज़रायल अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करे.

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