लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. 14 साल का यश, जो ऑनलाइन गेम्स का शौकीन था, अपनी लत की वजह से खुद की जान गंवा बैठा. यश ने ‘Free Fire’ नामक गेम खेलते हुए अपने पिता के बैंक अकाउंट से 13 लाख रुपये खर्च कर दिए और जब सच्चाई सामने आई, तो guilt और डर ने उसे इस हद तक तोड़ दिया कि उसने आत्महत्या कर ली.
कैसे हुई ये शुरुआत?
यश अपने पिता के मोबाइल से अक्सर Free Fire गेम खेलता था. गेम के दौरान उसने बैंकिंग ऐप की सेटिंग एक्सेस कर ली और एक के बाद एक इन-गेम पर्चेज करता गया डायमंड्स, स्किन्स, हथियार और नए कैरेक्टर्स. ये सब धीरे-धीरे 13 लाख तक पहुंच गया. यश के पिता ने जमीन बेचकर वो पैसे बैंक में रखे थे, और जब उन्होंने पैसे निकालने के लिए बैंक विज़िट किया, तो उन्हें सच्चाई का पता चला.
एक सवाल... जिसने ले ली जान
पिता ने जब यश से सवाल किया, तो यश कुछ कह न सका. अगले ही दिन, वो इस दुनिया से चला गया. एक मासूम, जो खुद नहीं समझ पाया कि वर्चुअल दुनिया में असली ज़िंदगी दांव पर लग रही है. यश की मौत न सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि ये समाज के लिए भी चेतावनी की घंटी है.
Free Fire: गेम या जाल?
Free Fire एक बैटल रॉयल मल्टीप्लेयर गेम है, जिसमें खिलाड़ी को गेम में ज़िंदा रहने के लिए एडवांस हथियार और स्किन्स की ज़रूरत होती है. ये चीज़ें 'डायमंड' से खरीदी जाती हैं, जो असली पैसे देकर मिलते हैं. बच्चे, बिना समझे और बिना सीमाएं जाने, इन्हीं वर्चुअल चीजों के पीछे असली पैसों की बर्बादी कर बैठते हैं.
पैरेंट्स के लिए अलर्ट
बच्चों को मोबाइल देने से पहले बैंकिंग ऐप्स को पासवर्ड प्रोटेक्ट करें. Google Play / App Store में पेरेंटल कंट्रोल ऑन करें. गेमिंग ऐप्स पर स्पेंड लिमिट सेट करें या इन्हें अपने अकाउंट से लिंक ही न करें. सबसे अहम बात बच्चों से बात करें, उन्हें समझाएं कि गेम मनोरंजन है, जिंदगी नहीं.
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