Operation Sindoor: भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद पाकिस्तान ने आखिरकार वो स्वीकार किया है जिसे वह अब तक छुपाने की कोशिश कर रहा था. 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने जिन सैनिकों और अधिकारियों को सैन्य सम्मान दिए, उनकी सूची ने पाकिस्तान को हुए भारी नुकसान की तस्वीर को उजागर कर दिया.
इन सम्मानों में शामिल 8 सितारा-ए-जुर्रत, 5 तमगा-ए-जुर्रत, 24 सितारा-ए-बसालत, 45 तमगा-ए-बसालत, 146 इम्तियाज़ी असनाद, 259 COAS प्रशस्ति पत्र, और 1 तमगा-ए-इम्तियाज़ (सैन्य) हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से 138 सैनिकों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जो सीधे तौर पर यह इशारा करता है कि भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान को गंभीर क्षति उठानी पड़ी.
Operation Sindoor killed 146 paki soldiers. List released by Samaa TV.
— Avarodh (@avarodhthreads1) August 15, 2025
Pakistan lost the war, bases, soldiers and fighter jets. Pakistan is the biggest loser.
Jivatu dirghayushman Bharata
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ऑपरेशन सिंदूर- कब और क्यों?
भारत ने यह सैन्य कार्रवाई 7 मई को शुरू की थी, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंक के पीछे बैठे संरचनात्मक नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई थी. ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.
इसके जवाब में पाकिस्तान ने 8 से 10 मई तक भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय जवाबी कार्रवाई इतनी तीव्र और सटीक थी कि 10 मई को पाकिस्तान को संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी, जिसे भारत ने मान लिया.
पाकिस्तान की "जीत" का दावा और हकीकत
संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने अपनी "जीत" का दावा करते हुए यह जताने की कोशिश की कि उसने भारत को पीछे हटने पर मजबूर किया. मगर 14 अगस्त को जब पाकिस्तान सरकार ने अपने सैनिकों को सम्मानित किया, तब वह सच सामने आ गया जिसे अब तक छुपाया जा रहा था.
138 मरणोपरांत सैन्य सम्मान इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत की सैन्य कार्रवाई कितनी घातक रही. अगर यही संख्या पाकिस्तान द्वारा सार्वजनिक की गई है, तो असल संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. यह भी समझा जा सकता है कि इतने बड़े पैमाने पर नुकसान के चलते ही पाकिस्तान को सीजफायर के लिए गुहार लगानी पड़ी.
सैन्य कार्रवाई और सच्चाई का सामना
पाकिस्तान के द्वारा दिए गए सैन्य सम्मानों की सूची ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जमीनी सच्चाई को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता. भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने जहां आतंकी ढांचों पर गहरी चोट की, वहीं पाकिस्तान के लिए यह सैन्य और रणनीतिक रूप से एक बड़ा झटका साबित हुआ.
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