उत्तर प्रदेश में धान बिक्री के पंजीकरण ने बनाया रिकॉर्ड, अब तक 1.37 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की किसान-हितैषी नीतियाँ रंग ला रही हैं. किसानों के बीच सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है. इसका ताज़ा उदाहरण 2025-26 के खरीद सत्र में देखने को मिला है.

1.37 lakh farmers have registered for paddy sale in Uttar pradesh
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की किसान-हितैषी नीतियाँ रंग ला रही हैं. किसानों के बीच सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है. इसका ताज़ा उदाहरण 2025-26 के खरीद सत्र में देखने को मिला है, जब धान बिक्री के लिए पंजीकरण रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया.

1.37 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण

1 सितंबर से शुरू हुए धान बिक्री पंजीकरण में अब तक किसानों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली है. 23 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक 1,37,166 किसानों ने अपने धान की बिक्री के लिए पंजीकरण करा लिया. यह आंकड़ा इस बात का सबूत है कि योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान की नीति पर किसानों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है.

4000 क्रय केंद्रों का लक्ष्य

धान खरीद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में 4000 क्रय केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है. इनमें से 3790 केंद्र पहले से चालू हो चुके हैं. इन केंद्रों पर किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मिल रहा है. खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, किसानों में पंजीकरण को लेकर उत्साह इतना है कि हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं.

मोबाइल ऐप से आसान हुआ पंजीकरण

अब किसान घर बैठे मोबाइल से पंजीकरण कर पा रहे हैं. सरकार ने www.fcs.up.gov.in और UP KISAN MITRA मोबाइल ऐप के ज़रिए एकल पंजीकरण प्रणाली लागू की है. इसमें किसान को अपने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी के ज़रिए पंजीकरण पूरा करना होता है. इससे पूरी प्रक्रिया न केवल सरल बल्कि पारदर्शी भी बन गई है. धान की बिक्री का भुगतान सीधे किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है.

पश्चिमी यूपी में धान खरीद शुरू

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी मंडलों में 1 अक्टूबर से धान की खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है. इन क्षेत्रों में अब तक 35.63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खरीद प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होगी, जिसमें चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल शामिल होंगे. खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी, 2026 तक चलेगी.

बढ़ा MSP, 48 घंटे में भुगतान की गारंटी

इस साल डबल इंजन सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए धान के MSP में वृद्धि की है. सामान्य धान के लिए MSP ₹2369 प्रति क्विंटल है. ग्रेड-A धान के लिए MSP ₹2389 प्रति क्विंटल है. सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए, जिससे उनकी मेहनत का फल समय पर मिल सके. धान खरीद केंद्र रोज़ाना सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे. 17% तक नमी वाला धान खरीद के लिए मान्य है. केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं.

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