Chhattisgarh Naxal News: छत्तीसगढ़ से सटे ओडिशा के इलाके में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. पड़ोसी राज्य ओडिशा का कालाहांडी जिला में 11 कट्टर माओवादी उग्रवादियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया. इन उग्रवादियों ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया के सामने अपने हथियार डालते हुए समाज की मुख्य धारा में लौटने का फैसला किया.
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले 11 उग्रवादियों में सात महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी माओवादी वंशधारा-नागावली डिवीजन क्षेत्र में सक्रिय थे. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये लोग संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे और लंबे समय से गतिविधियों में शामिल थे.
कई हथियार बरामद
आत्मसमर्पण करने वालों में नकुल चंद्रा नाम का उग्रवादी भी शामिल है, जो संगठन में डीवीसीएम पद पर बताया जा रहा है. इसके अलावा एसीएम स्तर के कई माओवादी भी इसमें शामिल हैं.
इनके पास से एके-47, एसएलआर, इंसास समेत कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार इन उग्रवादियों ने संगठन की विचारधारा से निराश होकर और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियार छोड़ने का निर्णय लिया.
माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
आत्मसमर्पण के दौरान उग्रवादियों ने पुलिस के सामने अपने हथियार भी जमा कराए. इनमें एके-47, एसएलआर, इंसास, 12 बोर और सिंगल शॉट बंदूकें शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस घटना से सीमावर्ती इलाकों में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने देश से नक्सलवाद समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य तय किया है. लगातार चल रहे अभियानों, आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजनाओं के कारण कई उग्रवादी संगठन छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे और भी आत्मसमर्पण देखने को मिल सकते हैं.
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