'हमारे समाज में ताड़का और शूर्पनखा जैसे राक्षस मौजूद हैं', विपक्ष पर बरसे सीएम योगी

विजयादशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने धर्म, संस्कृति और समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर बेबाक़ तरीके से अपने विचार रखे.

100 years of rss CM Yogi speech in vijayadashmi remark surpnakha and tadka
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विजयादशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने धर्म, संस्कृति और समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर बेबाक़ तरीके से अपने विचार रखे.

सीएम योगी ने अपने भाषण की शुरुआत धर्मग्रंथों रामायण और महाभारत के उल्लेख से करते हुए की. उन्होंने कहा कि युग भले ही बदल गया हो, लेकिन समाज में आज भी राक्षसी ताकतें सक्रिय हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि "स्थिति और पात्र आज भी वैसी ही हैं, केवल उनके नाम और स्वरूप बदल गए हैं."

समाज को बांटने वाली शक्तियों पर हमला

बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए मुख्यमंत्री ने उन तत्वों की आलोचना की, जो समाज में जात-पात, छुआछूत और विघटनकारी मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने कहा आज जो लोग बेटियों के लिए खतरा बनते हैं, वे वही हैं जो कभी दुर्योधन और दुशासन के साथ खड़े थे. समाज को बांटने वाले ताड़का, मारीच और शूर्पणखा जैसी प्रवृत्तियों के प्रतीक हैं. योगी आदित्यनाथ ने ऐसी शक्तियों को सनातन धर्म विरोधी बताया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की.

सनातन धर्म का किया गुणगान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक पूजा पद्धति नहीं, बल्कि यह समस्त सृष्टि के कल्याण का मार्ग है. उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जो भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व नहीं करते और सत्ता में रहकर भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं. सनातन विरोधी ताकतें तब भी थीं, और आज भी हैं. हमें पहचानना होगा कि ये कौन लोग हैं और किस उद्देश्य से समाज को बांटना चाहते हैं.

देश के विकास को बताया ‘रामराज्य’ की झलक

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत की जनता जागरूक हुई है और देश विकास व विरासत के संगम की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने इसे ‘रामराज्य’ की अवधारणा के करीब बताया, जिसमें न्याय, समानता और समरसता का भाव निहित है.

RSS की 100वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं

योगी आदित्यनाथ ने विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि संघ का निर्माण राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि स्वयंसेवकों की सेवा भावना, अनुशासन और समर्पण पर आधारित है. यह संगठन आज विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है.

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