World Safest Countries: दुनिया घूमने का शौक रखने वालों के लिए सुरक्षित जगह चुनना काफी जरूरी होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए बर्कशायर हैथवे ट्रैवल प्रोटेक्शन (BHTP) ने साल 2027 के सबसे सुरक्षित देशों की रैंकिंग जारी की है. इस सूची में कनाडा ने पहला स्थान हासिल किया है. खास बात यह है कि पिछले साल कनाडा इस रैंकिंग में पांचवें नंबर पर था, लेकिन इस बार उसने लंबी छलांग लगाकर टॉप पर जगह बना ली है. वहीं, अमेरिका को टॉप-10 में भी जगह नहीं मिली है.
कनाडा के अलावा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, आइसलैंड और जापान जैसे देशों को भी सुरक्षित यात्रा के लिहाज से अच्छी रैंकिंग मिली है.
ये हैं दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित देश
BHTP की 2027 की रैंकिंग में यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित माने गए 10 देशों की सूची इस प्रकार है.
इन देशों के बाद नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, इटली, स्पेन और जर्मनी को भी सुरक्षित देशों की सूची में शामिल किया गया है. हालांकि, रिपोर्ट में केवल टॉप-15 देशों की रैंकिंग जारी की गई है.
किन बातों के आधार पर तय हुई रैंकिंग?
BHTP ने देशों की सुरक्षा रैंकिंग तैयार करने के लिए कई जरूरी बातों को ध्यान में रखा है. इसमें महिलाओं, LGBTQIA यात्रियों और अलग-अलग नस्ल के लोगों की सुरक्षा के साथ हिंसक अपराध, आतंकवाद, परिवहन व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है.
यह रैंकिंग मुख्य रूप से अमेरिकी यात्रियों के सर्वे पर आधारित है. इसमें उन लोगों से राय ली गई, जिन्होंने पिछले पांच साल में अलग-अलग देशों की यात्रा की थी. यात्रियों की प्रतिक्रिया के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया गया है.
इनमें ग्लोबल पीस इंडेक्स, नमबेओ, जियोश्योर ग्लोबल, विश्व स्वास्थ्य संगठन, इक्वलडेक्स इक्वेलिटी इंडेक्स और ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स शामिल हैं.
कनाडा को क्यों मिला पहला स्थान?
BHTP के मुताबिक, कनाडा को महिलाओं, LGBTQIA यात्रियों और अश्वेत समुदाय के लोगों की सुरक्षा के मामले में सर्वे में अच्छे अंक मिले हैं. इसके अलावा ग्लोबल पीस इंडेक्स और ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में भी कनाडा का प्रदर्शन बेहतर रहा है. इसी वजह से वह इस बार दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की सूची में पहले नंबर पर पहुंच गया.
खास बात यह है कि कनाडा उन आठ देशों में शामिल है, जिन्हें BHTP के सेफ ट्रैवल हॉल ऑफ फेम में जगह मिली है. इस सूची में उन देशों को रखा जाता है, जिन्होंने 2018 में यह रैंकिंग शुरू होने के बाद से लगातार टॉप-10 में अपनी जगह बनाए रखी है.
ये भी पढ़ें- अमेरिकी चुनाव में भारतीयों का जलवा, 41 में से 30 उम्मीदवार जीते, 15 महिलाओं ने भी गाड़े झंडे