तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने युद्ध फिर शुरू करने की कोशिश की तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि जंग रोकने की जिम्मेदारी अब अमेरिका की है और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कोई भी गलत रणनीति नए मोर्चे खोल सकती है. इस बीच ईरान के सरकारी टीवी ने नागरिकों को संभावित परमाणु हमले से बचने के तरीके भी बताए हैं.
दरअसल, अमेरिकी सेना ने सोमवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के केशम द्वीप पर हमले किए थे. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. गालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका की ओर से आए हालिया प्रस्तावों का ईरान ने मजबूत और तर्कसंगत जवाब दिया है. अब युद्ध रोकने का फैसला वॉशिंगटन को करना है.
केशम द्वीप पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, केशम द्वीप पर किए गए हमलों में सतह से हवा में मार करने वाली उन मिसाइलों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ किया जा रहा था. वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने रात के समय होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया.
इस बीच, दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने के लिए मध्यस्थ भी बातचीत कर रहे हैं. एक ईरानी अधिकारी के मुताबिक, सोमवार को कतर के मध्यस्थ तेहरान पहुंचे थे. यहां अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के मसौदे पर चर्चा हुई. इस प्रस्ताव को लेकर पिछले आठ दिनों से बातचीत जारी है.
ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका उसकी शर्तें मानता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है. एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि समुद्री रास्ते को खोलने के लिए वॉशिंगटन को तेहरान की मांगें स्वीकार करनी होंगी. इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू हो सकती है.
सरकारी टीवी पर बताए परमाणु हमले से बचने के तरीके
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने एक विशेष कार्यक्रम प्रसारित किया, जिसमें नागरिकों को संभावित परमाणु हमले की स्थिति में बचाव के तरीके बताए गए. कार्यक्रम में नतान्ज के पास एक पहाड़ पर अमेरिकी परमाणु बम गिराए जाने का नाटकीय दृश्य भी दिखाया गया.
BREAKING: Iran issues instructions to all citizens on what to do in the event of a nuclear strike. https://t.co/QOcUGEXHOH
— Globe Eye News (@GlobeEyeNews) November 3, 2026
लोगों को सलाह दी गई कि परमाणु विस्फोट की तेज चमक से बचें, घरों के कमरों को अच्छी तरह बंद रखें और जरूरी सामान के साथ कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित जगह पर रहें. इन निर्देशों का मकसद विस्फोट, रेडिएशन और रेडियोधर्मी धूल यानी फॉलआउट से बचाव करना है.
ईरान में इस तरह का व्यापक सुरक्षा अभियान पहली बार देखने को मिला है. विश्लेषकों का मानना है कि सरकार अपने नागरिकों को अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित हमलों के लिए तैयार कर रही है.
परमाणु ठिकानों पर हमले की आशंका
हाल के दिनों में अमेरिका के कुछ टिप्पणीकारों ने ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की आशंका बढ़ी है. इन बयानों में यह संभावना भी जताई गई कि ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए अमेरिका परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. हालांकि, ऐसे हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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