मुजफ्फरनगर, राज्य डेस्क: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (Assistant Prosecution Officer) भर्ती का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है. कुल 541 उम्मीदवारों को मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया है. लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार 3 से 7 अक्तूबर, 2023 और फिर 30 अक्तूबर से 3 नवंबर 2023 तक हुए थे. इस परीक्षा में 1458 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें अंतिम परिणाम में 541 सफल हुए हैं. परिणाम बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in देखा और डाउनलोड भी किया जा सकता है.
पिता का सपना किया पूरा
सफल प्रतियोगियों में बिहार के मुजफ्फरपुर शहर की रहने वाली बेटी उजमा फातिमा भी हैं, जिन्होंने BPSC की एपीओ की परीक्षा में 13वीं रैंक लाकर जिले के मान बढ़ाया है. उजमा फातिमा ने पिता की असामयिक निधन के बाद भी अपने सपनों को पूरा करने की जिद की और परिवार की मदद से यह अब जाकर पूरा हुआ.
नहीं टूटा हौसला
मुजफ्फरपुर शहर के तीनकोठिया मोहल्ला निवासी मोहम्मद सुलेमान अख्तर पेशे से शिक्षक थे, जिनका कुछ महीने पहले उनका निधन हो गया. उनकी पुत्री उजमा फातमा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अब यह बड़ी सफलता हासिल की है और 13वीं रैंक मिली है. परिवार का कहना है कि पिता की मौत से मन टूटा था, लेकिन उजमा का हौसला बरकरार था.
परिवार में खुशी का माहौल
शहर स्थित सेंट जेवियर स्कूल से 2011 में 10वीं की परीक्षा और फिर सनशाइन स्कूल से 2013 में 12वीं की परीक्षा पास की करने के बाद उजमा ने देहरादून से 2019 में बीए एलएलबी की परीक्षा पास की है. उजमा का कहना है कि उनका सपना सदा से ही जज बनने का रहा हैय. उनके चयन से परिवार में खुशी का माहौल है.
सेल्फी स्टडी को बनाया आधार
यहां पर बता दें कि जुलाई, 2023 में उजमा के पिता मो. सुलेमान अख्तर का निधन हो गया. इसके बाद वह डिप्रेशन में चली गई थीं पर उसने इसका असर अपनी तैयारियों पर नहीं पड़ने दिया. उजमा की मां रूबी निशार का कहना है कि उन्हें शुरू से ही विश्वास था कि उनकी बेटी एक न एक दिन उच्च पद हासिल करेगी. उजमा ने सेल्फ स्टडी को आधार बनाया और सफलता हासिल की.
BPSC की APO में 13वी रैंक को लाने वालीं उजमा फातिमा का कहना है कि अपनी मेहनत में सेल्फ स्टडी को ही आधार बनाया था और इस मुकाम पर पहुंच गईं. उजमा ने कहा कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का लगन हो तो हर मुश्किल को आसान किया जा सकता है और हर लक्ष्य को पाया जा सकता है. प्रतिभागियों के लिए संदेश देते हुए कहा कि कोचिंग कोई बहुत बड़ा माध्यम नहीं है. सेल्फ स्टडी करके भी सफलता पाई जा सकती है.
रिपोर्ट: विशाल कुमार