भारतीय राजनीति में 'बाप' की धमाकेदार एंट्री, जानिये क्यों बढ़ेगी अरविंद केजरीवाल और मायावती की टेंशन

भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के सामने न सिर्फ चुनौती पेश की, बल्कि चार सीटों पर अच्छी बढ़त के साथ जीत हासिल की.

भारतीय राजनीति में 'बाप' की धमाकेदार एंट्री, जानिये क्यों बढ़ेगी अरविंद केजरीवाल और मायावती की टेंशन

नई दिल्ली, चुनाव डेस्क: पांचों राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) के विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है तो कांग्रेस तेलंगाना में अच्छी जीत के साथ सरकार बनाने जा रही है. इस कड़ी में रुझानों में स्पष्ट नजर आ रहा है कि मिजोरम में जोरम पीपल्स मूवमेंट (Zoram People's Movement) की सरकार बनेगी. इस बीच राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक नई राजनीति पार्टी की एंट्री हुई है, जिसका नाम है भारत आदिवासी पार्टी (BAP).  इस पार्टी ने राजस्थान की तीन तो मध्य प्रदेश की एक सीट पर जीत हासिल की है. पहली बार दो राज्यों इस तरह की जीत से राजनीतिक गलियों में 'बाप' की खूब चर्चा हो रही है.

चोरासी में बड़ी जीत की हासिल 

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में धरियावद विधानसभा सीट 'बाप' पार्टी के थावर चंद ने 6691 वोट से जीत हासिल की. राजस्थान की ही असपुर से उमेश मीणा ने 28940 के अंतर से प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को हराया. इसी तरह चोरासी सीट से राजकुमार रोत ने 69166 वोट से प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी. यह राजस्थान की बड़ी जीत में शामिल है, क्योंकि दीया कुमार ने विद्याधर नगर सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी को 70,000 से अधिक मतों से हराया है. यहां पर बता दें कि भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के संस्थापक राजकुमार रोत ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में चोरासी सीट पर जीत हासिल की. अब राजकुमार के कुशल राजनीतिक प्रबंधन की भी चर्चा हो रही है. 

3 महीने पहले पार्टी, AAP और BSP से भी निकली आगे

गौरतलब है कि BAP (भारतीय आदिवासी पार्टी) का गठन विधानसभा चुनाव से सिर्फ 3 महीने पहले ही हुआ, लेकिन इस पार्टी ने अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान तो राजनीतिक दलों को परेशान कर दिया है. सबसे बड़ी चिंता की बात बहुजन समाज पार्टी के लिए है, क्योंकि वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में अच्छा प्रदर्शन करती रही है. इस बार राजस्थान में उसे दो सीटों पर तो मध्य प्रदेश में उसे कोई सीट नहीं मिली है. ऐसे में बहुजन समाज पार्टी के साथ यह आम आदमी पार्टी के लिए भी 'बाप' भविष्य चुनौती के रूप में सामने आ सकता है. 

 

कौन हैं अध्यक्ष मोहनलाल रोत

यहां पर बता दें कि पांचों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) का आधिकारिक तौर पर तीन महीने पहले गठन किया गया था. इस दौरान राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से  हजारों की संख्या में आदिवासी कार्यकर्ता शामिल हुए थे. गौरतलब है कि BAP के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत हैं.  'बाप' ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में आदिवासी  समुदायों के लिए आरक्षित और आदिवासी बाहुल्य सीटों पर चुनाव लड़ा था. दोनों राज्यों में BAP ने करीब 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 3 को जीत हासिल हुई है. इस लिहाज से पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही अच्छा है. यह भी कम हैरत की बात नहीं, जिस BAP ने अच्छा प्रदर्शन किया, उसी पार्टी के अध्यक्ष मोहन लालत डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव हार गए.