Baba Balaknath कौन हैं जिन्होंने सिर्फ 6 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर, यूपी के सीएम योगी से क्या है रिश्ता

हमेशा भगवा कपड़े पहनने वाले बाबा बालकनाथ राजस्थान के अलवर से सांसद हैं और इसके साथ ही बालकनाथ मस्तनाथ मठ के महंत भी हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके चुनाव प्रचार में आ चुके हैं.

Baba Balaknath कौन हैं जिन्होंने सिर्फ 6 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर, यूपी के सीएम योगी से क्या है रिश्ता

जयपुर, चुनाव डेस्क: राजस्थान विधासभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी ने दमदार जीत हासिल की है. अब तक मिले रुझानों/परिणामों में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल करते हुए आसानी से बहुमत के लायक आंकड़ा हासिल कर लिया है. राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया, दीया कुमारी समेत भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं को आसानी से राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत मिली है. इन्हीं में से एक हैं बाबा बालकनाथ (Baba Balaknath), जिन्होंने तिजारा सीट से बतौर भाजपा प्रत्याशी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की है. 

ओबीसी समुदाय से आते हैं बाबा बालकनाथ

हमेशा भगवा कपड़े पहनने वाले बाबा बालकनाथ राजस्थान के अलवर से सांसद हैं और इसके साथ ही बालकनाथ मस्तनाथ मठ के महंत भी हैं. यही वजह है कि उनका पहनावा उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलता है. यहां तक कि उनके प्रचार में सीएम योगी भी आए थे. 

चलते हैं हिंदुत्व के एजेंडे पर

बाबा बालकनाथ आक्रामक रुख की वजह से चर्चा में रहते हैं. वह हमेशा हिंदुत्व के एजेंडे पर चलते हैं. ऐसे में उनकी छवि भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता के रूप में है. उनकी इसी छवि ने उन्हें आम जनता में खूब लोकप्रिय बनाया है. 

कांग्रेस को हराकर जीता था लोकसभा 

बाबा बालकनाथ ने लोकसभा चुनाव 2019 में अलवर सीट से मुश्किल मुकाबले में कांग्रेस के दिग्गज नेता भंवर जितेंद्र सिंह को हराया था. इसके साथ ही वह पहली बार सांसद भी बने थे. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में तिजारा सीट से उतारा और उन्होंने पार्टी का विश्वास कायम रखते हुए जीत भी हासिल की. 

यादव है बाबा बालकनाथ

16 अप्रैल, 1984 को राजस्थान के अलवर में जन्में किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. वह मूल रूप से अलवर के कोहराना गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता का सुभाष यादव और मां का नाम उर्मिला देवी है. उनक परिवार साधु-संतों की सेवा में लगा रहा है और ऐसे में इसका प्रभाव उन पर भी पड़ा. 

6 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर

माता-पिता ने अध्ययन के अंतर्गत अध्ययन के लिए बालकनाथ को महंत खेतानाथ के पास भेज दिया था. इसके बाद वह महंत चांदनाथ के पास आ गए. इसके बाद महंत चांदनाथ ने उन्हें 29, जुलाई 2016 को उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना. इस तरह महंत बालक नाथ योगी हिंदू धर्म के नाथ संप्रदाय के 8वें संत हैं. यहां यह यह भी जान लें कि बालक नाथ योगी बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं.