हापुड़, भारत 24 डिजिटल डेस्क: एक तरफ जहां पूरे देश में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्साह का माहौल है तो वहीं, दूसरी तरफ लोग राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) के जरिए चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ में रहने वाले श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कॉलेज के प्रोफेसर अजय कुमार मित्तल ने इतिहास रच दिया है. प्रोफेसर ने एक सादे कांच के शीशे पर आयताकार ऑक्साइड-लेपित सतह पर सबसे छोटे श्री रामचरितमानस को उकेरने का रिकॉर्ड बनाया है. उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (India Book of Records) में दर्ज हो गया है.
300 पंक्तियों में पूरा महाकाव्य
प्रोफेसर अजय कुमार मित्तल उत्तर प्रदेश के श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कॉलेज हापुड़ में पदस्थ हैं. उन्होंने एक सादे कांच के दर्पण की आयताकार ऑक्साइड-लेपित सतह पर रामचरितमानस उकेरने का रिकॉर्ड बनाया है. प्रो. अजय मित्तल ने संपूर्ण महाकाव्य को कांच की सतह पर 300 पंक्तियों के भीतर उकेरा है. इसमें दोहा, सोरठा, चौपाई, छंद सभी शामिल हैं. अजय मित्तल ने 30.5 सेमी लम्बे और 16.05 सेमी चौड़ाई के एक ही आयताकार पृष्ठ (कांच की सूक्षम प्लेट) पर श्री रामचरित्र मानस की 12585 पंक्तियां को लिखा है.
रामचरित्र मानस के तमाम श्लोक
कुल मिलाकर छोटी सी प्लेट पर श्री रामचरित्र मानस के तमाम श्लोक लिखे हुए है मध्य भाग में श्रीराम दरबार उत्कीर्णित है जिसमे श्रीराम, सीता, हनुमान, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन, ब्रह्मा, शिव, गणेश, कीर्तिकेय, नारद, वाल्मीकि, (कुल 12 देवगन) के दर्शन होते है. वहीं अजय मित्तल प्लेट पर लिखी हुई श्री रामचरित्र मानस को अयोध्या में बन रहे राममंदिर को समर्पित करना चाहते है.
कांच में उकेरे श्रीमद्भगवद्गीता के 700 श्लोक
प्रोफेसर मित्तल ने कहा 'आज 500 साल बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है. इसे लेकर पूरा देश उत्साहित है. राम मंदिर लाखों राम भक्तों की त्याग तपस्या और बलिदान का प्रतिफल है, मुझे गर्व है कि भगवान राम के उत्सव में कुछ कर पा रहा हूं. राम मंदिर केके लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया है तो यह मेरी ओर से एक श्रद्धांजलि है.' प्रोफेसर मित्तल इससे पहले श्रीमद्भगवद्गीता के 700 श्लोक भी कांच में उकेर चुके हैं.
रिपोर्ट: शाहरुख खान