
फिल्मी दुनिया में करोड़ों दिल जीतने वाले कई सितारों ने सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई. किसी ने सुपरस्टार बनने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली, तो किसी ने संसद तक का सफर तय किया. कुछ कलाकारों ने एक्टिंग को अलविदा कहकर पूरी तरह राजनीति को अपना लिया, जबकि कई आज भी फिल्मों और राजनीति दोनों में बराबर सक्रिय हैं. अब तमिल सुपरस्टार विजय के राजनीति में कदम रखने के बाद यह चर्चा फिर तेज हो गई है कि आखिर किन सितारों ने शोबिज से सत्ता तक का सफल सफर तय किया.

साउथ सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री जयललिता ने अपने फिल्मी करियर में बड़ी सफलता हासिल की. बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और एआईएडीएमके की कमान संभालते हुए कई बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. 'अम्मा' के नाम से मशहूर जयललिता ने महिला कल्याण, गरीबों के लिए योजनाओं और मजबूत नेतृत्व के दम पर राजनीति में ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी मिसाल मानी जाती है.

तेलुगु फिल्मों में भगवान राम और कृष्ण जैसे किरदार निभाकर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बने एनटी रामाराव ने बाद में तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की. उन्होंने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक दबदबे को चुनौती देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला. उनका राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति के सबसे बड़े बदलावों में गिना जाता है.

भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय चेहरे रवि किशन और मनोज तिवारी आज फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. दोनों लोकसभा सांसद हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जनता से जुड़े रहते हैं. अभिनय और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहकर उन्होंने साबित किया कि दो अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सफलतापूर्वक निभाई जा सकती हैं.

'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और सांसद के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं. वहीं टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने अभिनय छोड़कर राजनीति में कदम रखा और केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर तय किया. इन दोनों ने दिखाया कि लोकप्रियता के साथ मेहनत और नेतृत्व क्षमता हो तो राजनीति में भी मजबूत पहचान बनाई जा सकती है.

तमिल सुपरस्टार विजय अब अपनी आखिरी फिल्म जन नायकन' (Jana Nayagan) के बाद पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर दी है और आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद जताई जा रही है.