NEET पेपर लीक पर सरकार का नया प्लान! फ्लोर लीडर्स की बैठक की तैयारी, संसद में चर्चा पर बनेगी रणनीति

Floor Leaders Meeting: पेपर लीक विवाद पर गतिरोध खत्म करने की कोशिश, विपक्ष और CJP से बातचीत के लिए सरकार का बड़ा कदम

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Floor Leaders Meeting: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार अब समाधान की दिशा में सक्रिय होती दिखाई दे रही है. संसद से लेकर सड़कों तक गूंज रहे इस मुद्दे पर सरकार ने विपक्षी दलों और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से बातचीत की पहल तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुला सकती है, ताकि संसद में इस संवेदनशील विषय पर व्यापक चर्चा का रास्ता तैयार किया जा सके. साथ ही CJP प्रतिनिधियों को भी बातचीत के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया है.

विपक्ष से बिना शर्त चर्चा की अपील

सरकारी जानकारों के अनुसार, केंद्र सरकार चाहती है कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुलकर चर्चा हो. इसी उद्देश्य से विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स से संपर्क किया जा रहा है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तारीख और समय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष से आग्रह किया गया है कि वह शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसी पूर्व शर्तों के बिना चर्चा में शामिल हो.

सरकार का मानना है कि यह करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसका समाधान संवाद के जरिए ही निकाला जा सकता है.

फ्लोर लीडर्स की बैठक जल्द संभव

जानकारी का कहना है कि केंद्र सरकार जल्द ही विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुला सकती है. इस बैठक में संसद के भीतर NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की रूपरेखा, समय और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि सभी दल अपनी बात सदन में रखें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सार्थक सुझाव सामने आएं.

CJP नेताओं को बातचीत का न्योता

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP नेताओं को बातचीत का निमंत्रण दिया है. उन्होंने कहा कि संगठन के प्रतिनिधि उनके सरकारी आवास या कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकते हैं. सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है. इसलिए आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हुए हैं.

डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोहराया सरकार का रुख

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से CJP प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए कई औपचारिक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की सुविधा के अनुसार किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं मानती, बल्कि छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. उनका कहना था कि संवाद के जरिए ही किसी स्थायी समाधान तक पहुंचा जा सकता है और सरकार इसी दिशा में लगातार प्रयास कर रही है.

छात्रों के हित में चर्चा पर जोर

सरकार का मानना है कि NEET पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है. इसलिए संसद में इस पर व्यापक चर्चा आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें. इसी कारण विपक्ष से बिना किसी पूर्व शर्त के चर्चा में शामिल होने की अपील की गई है.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर CJP कायम

दूसरी ओर, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपने रुख पर कायम है. संगठन ने आंदोलन समाप्त करने के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख है. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट कहा है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनके लिए "गैर-समझौता योग्य" मांग है. उनका कहना है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

समाधान की दिशा में बढ़ती कोशिशें

सरकार की ओर से लगातार संवाद की पहल और विपक्ष के साथ बैठक की तैयारी यह संकेत देती है कि केंद्र इस विवाद का राजनीतिक और संसदीय समाधान तलाशना चाहता है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रस्तावित बैठकों और संभावित वार्ता से कोई सहमति बनती है या फिर आंदोलन और राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहता है.

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