Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में नीट यूजी पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. इस बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष को खुला प्रस्ताव देते हुए कहा कि सरकार किसी भी तारीख, किसी भी समय और किसी भी प्रारूप में नीट पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा में शामिल होने की अपील भी की.
#WATCH दिल्ली: लोकसभा स्थगित, दोपहर 2 बजे फिर से बैठक होगी।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026
सदन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमने कल अपील की थी। मैं आज आपके ज़रिए सदन से फिर अपील करना चाहता हूं। हमने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और दूसरे विपक्षी सदस्यों से भी पर्सनल लेवल पर बात की है।… pic.twitter.com/d2LVtGYUhF
सरकार ने दोहराया अपना रुख
लोकसभा में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले भी इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है और आज भी वही रुख बरकरार है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर भी बातचीत की गई है. उन्हें सुझाव देने और इस विषय पर चर्चा की प्रक्रिया तय करने के लिए आमंत्रित किया गया है. रिजिजू ने यह भी बताया कि लोकसभा अध्यक्ष से इस विषय पर बातचीत की जा चुकी है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि विपक्ष जिस तारीख, जिस समय और जितनी अवधि तक चर्चा चाहता है, सरकार उसके लिए पूरी तरह तैयार है.
विपक्ष से बहाने नहीं बनाने की अपील
संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अब चर्चा से बचने के लिए किसी प्रकार के बहाने नहीं बनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष लगातार नई शर्तें रखेगा या चर्चा टालेगा, तो जनता यह समझ जाएगी कि वह इस मुद्दे पर खुली बहस नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर पारदर्शी चर्चा करना है. इसलिए विपक्ष को भी सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए.
पीएम मोदी के ऐलान का किया जिक्र
किरेन रिजिजू ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि पेपर लीक के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उनके अनुसार, सरकार ने ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है.
छात्रों के हित में चर्चा जरूरी
रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने भी संसद परिसर में प्रदर्शन कर पूरे देश में नीट पेपर लीक पर व्यापक चर्चा की मांग की है. उनका कहना था कि जिन राज्यों में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं, वहां की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है. इसलिए सभी दलों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस विषय पर एकजुट होना चाहिए.
फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगी मामलों की सुनवाई
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए घोषणा की थी कि पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके और दोषियों को कठोर सजा मिले. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी.
संसद में इस मुद्दे पर बनी रहेगी नजर
मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक का मुद्दा आगे भी संसद की प्रमुख चर्चाओं में शामिल रहने की संभावना है. अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि विपक्ष सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर चर्चा में भाग लेता है या नहीं. यदि व्यापक चर्चा होती है, तो इससे परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नए सुझाव सामने आ सकते हैं.
ये भी पढ़ें- NEET Paper Leak: PM मोदी के ऐलान के बाद बड़ा एक्शन, बॉम्बे से दिल्ली तक 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट