S Jaishankar At UNGA: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का जवाब दिया. प्रेस इंटरैक्शन के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया. इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, "एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है." इसके बाद वह मुस्कुराए और वहां से चले गए. जयशंकर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
जयशंकर न्यूयॉर्क में प्रेस से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने बीच में उन्हें टोकते हुए पूछा कि भारत सरकार पाकिस्तान में कथित आतंकवाद को समर्थन देना कब बंद करेगी. पत्रकार ने सवाल किया कि भारत की सरकार पाकिस्तान में प्रॉक्सी टेररिज्म को स्पॉन्सर करना कब बंद करेगी.
जयशंकर ने पत्रकार के सवाल को सुना और फिर गंभीरता से जवाब दिया. उन्होंने भारत पर लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए कहा, "एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है." जवाब देने के बाद विदेश मंत्री मुस्कुराए और वहां से चले गए.
#WATCH | 81st UNGA Session | "A terrorist country is asking me that question," says EAM Dr S Jaishankar in response to a Pakistani’s attempt at heckling EAM with a terrorism ‘question’ pic.twitter.com/wIfu9OUhfO
— ANI (@ANI) September 25, 2026
नाविकों की सुरक्षा पर भी बोले एस जयशंकर
इससे पहले विदेश मंत्री समुद्री नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक सम्मेलन में शामिल हुए. यहां भारत ने समुद्र में नाविकों पर होने वाले हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर दिया. जयशंकर ने कहा कि हिंसा और लोगों की जान-माल के नुकसान को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता.
उन्होंने कहा कि समुद्री कर्मचारियों पर होने वाले हमलों को हर हाल में रोका जाना चाहिए. भारत समुद्री कर्मचारियों के एक प्रमुख स्रोत देश के रूप में इस मुद्दे पर लाइबेरिया के साथ मिलकर काम कर रहा है. लाइबेरिया के पास टनेज के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्रियों में से एक है.
25 देशों ने 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की बैठक में लिया हिस्सा
जयशंकर ने बताया कि भारत ने इस मुद्दे पर समान हित रखने वाले दूसरे देशों और प्रमुख जहाज मालिकों को भी साथ लाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की पहली बैठक में 25 देशों ने हिस्सा लिया.
विदेश मंत्री के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य समुद्री कर्मचारियों और कमर्शियल शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर दुनिया का ज्यादा ध्यान खींचना है. उन्होंने कहा कि दुनिया के मर्चेंट फ्लीट को करीब 20 लाख समुद्री कर्मचारी चलाते हैं और उन्हें कई मुश्किल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है. समुद्री नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ब्रिक्स बैठक के दौरान उठा चुके हैं.
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