भारत 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट AMCA पर काम कर रहा है. इसके साथ ही देश की नजर अब 6ठी पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट पर भी है. अगले दशक की शुरुआत में इसे लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को डिफकॉन 2026 में रक्षा क्षेत्र की तैयारियों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत नई पीढ़ी की सैन्य तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है.
सरकार ने रक्षा बजट तीन गुना बढ़ा दिया-राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का रक्षा बजट तीन गुना हो चुका है, जबकि स्वदेशी रक्षा उत्पादन में चार गुना बढ़ोतरी हुई है. उनके मुताबिक रक्षा क्षेत्र में बढ़ाया गया खर्च आत्मनिर्भरता, नई तकनीक और रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देने के लिए किया जा रहा है.
रक्षा मंत्री ने कहा, "हमने रक्षा बजट को 7.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है, जो 2.5 लाख करोड़ रुपये से तीन गुना अधिक है."
5वीं और 6ठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर भी काम
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत नई पीढ़ी की सैन्य तकनीक तैयार करने पर काम कर रहा है. इसमें 5वीं और 6ठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं. इन तैयारियों का मकसद भविष्य में होने वाले युद्धों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करना है.
एक अच्छी सुरक्षा नीति के लिए Ground Reality और National Interest को ध्यान में रखना जरूरी है। Soft Power, Hard Power का पूरक हो सकता है, लेकिन उसका विकल्प नहीं हो सकता।Diplomacy बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन Diplomacy को बल तब मिलता है, जब उसके पीछे Capability हो: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) September 24, 2026
इसके अलावा भारत कई एडवांस रणनीतिक सिस्टम पर भी काम कर रहा है. इनमें अग्नि-5 मिसाइल और मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटबल री-एंट्री व्हीकल यानी MIRV तकनीक भी शामिल है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सुरक्षा रणनीति में कूटनीति और सैन्य ताकत के बीच संतुलन जरूरी है. यानी देश बातचीत और कूटनीति जारी रखेगा, लेकिन साथ ही संभावित रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी सैन्य क्षमता भी लगातार बढ़ाता रहेगा.
सरकार का लक्ष्य ऐसा डिफेंस इकोसिस्टम तैयार करना है, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के लिए भी रक्षा उत्पाद और तकनीक उपलब्ध करा सके.
राजनाथ सिंह ने कहा कि अच्छी सुरक्षा नीति के लिए जमीनी स्थिति और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सॉफ्ट पावर, हार्ड पावर का साथ दे सकती है, लेकिन उसकी जगह नहीं ले सकती. उनके मुताबिक कूटनीति जरूरी है, लेकिन उसे ताकत तब मिलती है, जब उसके पीछे मजबूत क्षमता मौजूद हो.
6ठी पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए दी है टाइमलाइन
भारत की ओर से 6ठी पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर तैयारी की बात इस साल फरवरी में रक्षा मंत्री के स्तर पर सामने आई थी. उस समय राजनाथ सिंह रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ की एक फैसिलिटी पहुंचे थे.
बेंगलुरु में उन्होंने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों से 6ठी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के एयरो इंजन पर काम तेज करने को कहा था. उन्होंने वैज्ञानिकों को इसके लिए 5 से 7 साल का समय बताया था. राजनाथ सिंह ने कहा था कि 20 साल पहले ही गुजर चुके हैं और अब केवल 5 से 7 साल का समय बचा है.
वहीं, भारत के 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट AMCA पर फिलहाल काम चल रहा है. इसके पांच प्रोटोटाइप 2031 तक तैयार होने की संभावना है.