कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश के आसार, उत्तराखंड से लेकर कश्मीर तक... पहाड़ी इलाकों में बदला मौसम

पोस्ट मानसून सीजन के साथ ही पहाड़ी राज्यों में सर्दी की आहट तेज होने लगी है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है.

Himalayan Weather Changes Rain Snowfall Alert September Mountains
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पोस्ट मानसून सीजन के साथ ही पहाड़ी राज्यों में सर्दी की आहट तेज होने लगी है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है. कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं सीजन की पहली बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है. जम्मू-कश्मीर में 27 से 29 सितंबर तक बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

जम्मू-कश्मीर में बारिश से धान की कटाई पर असर

जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है. 27 से 29 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश हो सकती है, जिससे धान की कटाई प्रभावित होने की आशंका है. गुरुवार को जम्मू शहर में करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि पुंछ और राजोरी में भी बारिश का दौर जारी रहा. किश्तवाड़ के पाडर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई. पिछले 24 घंटे में सोनमर्ग में 6.5 मिमी और गांदरबल में 2.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. शोपियां और बडगाम में भी बारिश हुई, हालांकि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यातायात सामान्य रहा.

अक्टूबर के पहले हफ्ते में भी बदलता रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 सितंबर को जम्मू-कश्मीर में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रह सकता है. इसके बाद 27 और 28 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं. इस दौरान तेज हवाओं और तूफानी गतिविधियों की भी संभावना है. 29 और 30 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 1 और 2 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है. इसके बाद 3 से 5 अक्टूबर के बीच फिर बादल छाने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है.

उत्तराखंड में चक्रतीर्थ पर सीजन की पहली बर्फबारी

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम ने करवट ले ली है. बदरीनाथ से सतोपंथ जाने वाले मार्ग के चक्रतीर्थ क्षेत्र में बुधवार शाम भारी बर्फबारी हुई. बर्फबारी के बाद पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया और पहाड़ों का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया. पोस्ट मानसून के बाद तापमान में गिरावट के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है. चक्रतीर्थ में हुई बर्फबारी को इस साल की शुरुआती बर्फबारी बताया जा रहा है.

हिमाचल में 27 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में भी सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है. मौसम विभाग ने 27 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इससे पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है.

मुगल रोड पर भी गिरी मौसम की पहली बर्फ

पुंछ और राजौरी को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड पर भी गुरुवार शाम मौसम की पहली बर्फबारी देखने को मिली. जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र नीलीना टॉप से लेकर पीर की गली तक बर्फ गिरने लगी. पीर की गली के हरे-भरे मैदानों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिसके बाद यहां का नजारा बेहद आकर्षक हो गया. बर्फबारी देखकर कई यात्री अपने वाहनों से नीचे उतरे और खूबसूरत नजारों को मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आए.

सर्दियों में एल नीनो का दिख सकता है असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर शाम के समय शुरू होकर कुछ घंटों तक जारी रह सकता है. जम्मू-कश्मीर में बारिश से धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है, जबकि सेब की खेती पर फिलहाल खास असर की संभावना नहीं बताई गई है. वहीं एल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर कहा गया है कि इसका असर सर्दियों में देखने को मिल सकता है. दिसंबर के आखिर और जनवरी की शुरुआत में एल नीनो के कारण बर्फबारी में कमी की संभावना जताई गई है. एल नीनो प्रशांत महासागर की सतह के तापमान के सामान्य से अधिक गर्म होने से जुड़ी प्राकृतिक जलवायु घटना है.

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