BLA Attack Quetta-Karachi: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई हैं. संगठन की ओर से दावा किया गया है कि उसके लड़ाकों ने क्वेटा-कराची नेशनल हाईवे के कुछ हिस्सों में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है और कई जगहों पर चेकपोस्ट भी बनाए हैं.
BLA से जुड़े दावों के मुताबिक, उसके हथियारबंद लड़ाके हाईवे पर गश्त कर रहे हैं और आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. हाल की रिपोर्टों में भी बलूचिस्तान के अलग-अलग हाईवे और सुरक्षा चौकियों पर सशस्त्र समूहों की गतिविधियों का जिक्र हुआ है.
क्वेटा-कराची हाईवे पर बढ़ी हलचल
बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. BLA समेत कई सशस्त्र समूह लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं. सितंबर में भी BLA ने कई अभियानों का दावा किया, जिनमें हाईवे, सुरक्षा चौकियों और सरकारी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही गई.
क्वेटा-कराची हाईवे पर भी सशस्त्र गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं. BLA से जुड़े दावों के मुताबिक, उसके लड़ाके कुछ जगहों पर वाहनों को रोककर यात्रियों के पहचान पत्र की जांच कर रहे हैं और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से जुड़े वाहनों को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं. संगठन का दावा है कि इन गतिविधियों का मकसद सुरक्षा बलों की आवाजाही और सप्लाई को प्रभावित करना है.
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— Jíand Balochh (@JandBalochh) September 28, 2026
بلوچستان لبریشن فرنٹ (بی ایل ایف) نے بلوچ خواتین یونٹ ’’کاڈ‘‘ کی پہلی عسکری کارروائی کی ویڈیو فوٹیج جاری کی، جس میں کاڈ کے جنگجوؤں کو پاکستانی فوج کی گاڑیوں کے سامنے نکلتے اور شدید فائرنگ کرتے دیکھا جا سکتا ہے۔ حملے کے دوران ایک بلٹ پروف گاڑی کے سامنے بھی کاڈ کے جنگجوؤں… pic.twitter.com/NHGjZ5uWel
पाकिस्तान की ओर से क्या है दावे?
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन घटनाओं को लेकर अलग दावे भी सामने आए हैं. सितंबर में पाकिस्तान की सेना की मीडिया विंग ISPR ने N-25 हाईवे पर एक सशस्त्र समूह द्वारा चेकपोस्ट बनाए जाने और बाद में सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जानकारी दी थी.
बलूचिस्तान में लगातार हो रही हिंसा के कारण प्रमुख सड़कों और व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, क्षेत्र में सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष बढ़ा है और इसका असर आम लोगों की आवाजाही तथा व्यापार पर भी पड़ा है.
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