पहली बार S-400 सिस्टम के सामने आएगा F-35 फाइटर जेट! भारत में दिखेगी स्टेल्थ बनाम एयर डिफेंस की ताकत

अमेरिका के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट ‘तरंग शक्ति 2026’ में शामिल होने के लिए राजस्थान के जोधपुर पहुंच गए हैं. 26 सितंबर से शुरू हुआ यह एयर एक्सरसाइज 12 अक्टूबर तक चलेगा.

Exercise Tarang Shakti F-35 fighter jet to face S-400 system for the first time In Jodhpur
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

F-35 vs S-400: अमेरिका के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट ‘तरंग शक्ति 2026’ में शामिल होने के लिए राजस्थान के जोधपुर पहुंच गए हैं. 26 सितंबर से शुरू हुआ यह एयर एक्सरसाइज 12 अक्टूबर तक चलेगा. जोधपुर एयरबेस पाकिस्तान सीमा से करीब 200 किलोमीटर दूर है. अभ्यास में पहली बार F-35 भारतीय S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के इतने करीब होगा.

इस अभ्यास में भारत के Su-30MKI, राफेल, तेजस और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान भी शामिल हैं. फ्रांस राफेल और UAE अपने F-16 विमानों के साथ अभ्यास कर रहा है. अमेरिका के 6 F-35 और 200 से ज्यादा एयरफोर्स कर्मी इसमें हिस्सा ले रहे हैं.

S-400 और F-35 का आमना-सामना

S-400 लंबी दूरी से विमानों को पहचानने में सक्षम है, लेकिन किसी टारगेट पर मिसाइल दागने के लिए रडार लॉक जरूरी होता है. F-35 की स्टेल्थ तकनीक इसकी पहचान और ट्रैकिंग को मुश्किल बना सकती है. इसी वजह से दोनों सिस्टम की क्षमताओं को लेकर इस अभ्यास पर नजर है.

F-35 के पास रडार को निशाना बनाने की क्षमता

F-35 लंबी दूरी से एंटी-रेडिएशन मिसाइल दाग सकता है, जो दुश्मन के रडार को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल होती हैं. ऐसे में एयर डिफेंस सिस्टम के रडार को पहले निशाना बनाने की क्षमता F-35 के लिए अहम मानी जाती है.

S-400 के लिए F-35 की निगरानी भी अहम

F-35 के लिए S-400 के करीब उड़ान भरने में एक चुनौती यह भी है कि रूसी सिस्टम उसकी स्टेल्थ तकनीक से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकता है. अमेरिकी अधिकारियों ने पहले भी इस तरह की चिंता जाहिर की थी. स्टेल्थ विमान अपनी असली रडार पहचान छिपाने के लिए लूनबर्ग रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

पहले भी भारत आ चुका है F-35

फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान भी F-35 भारत आया था. उस समय अमेरिका ने भारत को इस विमान की पेशकश की बात कही थी. हालांकि, F-35 से जुड़े सख्त तकनीकी और इस्तेमाल संबंधी नियमों के कारण इसे लेकर कई चुनौतियां हैं.