कठुआ के CISF कैंप में ताबड़तोड़ फायरिंग, 4 जवानों की मौत से मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से CISF कैंप में गोलीबारी की एक गंभीर घटना सामने आई है. बसोहली के मशका इलाके में सेवा पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF जवान ने कथित तौर पर अपनी सरकारी AK-47 से साथियों पर फायरिंग कर दी.

Jammu & Kashmir Kathua CISF Camp Firing Four Jawans Killed
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से CISF कैंप में गोलीबारी की एक गंभीर घटना सामने आई है. बसोहली के मशका इलाके में सेवा पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF जवान ने कथित तौर पर अपनी सरकारी AK-47 से साथियों पर फायरिंग कर दी. घटना में चार जवानों की मौत हो गई, जिनमें एक असिस्टेंट कमांडेंट, एक इंस्पेक्टर और अन्य जवान शामिल बताए जा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को जांच के दायरे में लिया.

विवाद के बाद हुई फायरिंग, चार जवानों की मौत

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, CISF कैंप में जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हुई. मृतकों की पहचान कांस्टेबल रफीक अहमद, कांस्टेबल संदीप कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे और सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि आरोपी CISF कर्मी अभिदेश सिंह ने अपनी सर्विस AK-47 से फायरिंग की. CISF के मुताबिक, उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां थीं. पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थी CISF यूनिट

यह घटना उस CISF यूनिट के कैंप में हुई, जिसे कठुआ के सेवा पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था. शुरुआती जांच में घटना को किसी बाहरी हमले के बजाय फोर्स के जवानों के बीच हुई गोलीबारी से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. पुलिस टीम कैंप में मौजूद परिस्थितियों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

पुलिस और CISF की जांच जारी

घटना के बाद कठुआ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, फायरिंग का पूरा घटनाक्रम क्या था और कितने राउंड गोलियां चलाई गईं. CISF की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच शुरू किए जाने की जानकारी है. फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही गोलीबारी की वजह और घटनाक्रम से जुड़ी पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.

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