यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने क्रिसमस के अवसर पर रूस के खिलाफ बेहद भावनात्मक और सख्त रुख अपनाते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी. क्रिसमस ईव पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने वीडियो संदेश में जेलेंस्की ने कहा कि रूस चाहे कितनी भी ताकत झोंक दे, वह यूक्रेनी जनता की आस्था, एकजुटता और साहस को कभी तोड़ नहीं सकता.
यह संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब रूस ने क्रिसमस से ठीक पहले यूक्रेन के कई हिस्सों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे.
बिना नाम लिए पुतिन पर निशाना
अपने संबोधन में जेलेंस्की ने सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा बिल्कुल साफ था. उन्होंने कहा कि आज हर यूक्रेनी के दिल में एक ही भावना है और सभी की एक ही कामना है कि वह व्यक्ति खत्म हो, जो इस युद्ध, तबाही और निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार है.
⚡️Zelensky in his Christmas address to the nation wished DEATH upon Putin. pic.twitter.com/fN34Jc8DUC
— War Intel (@warintel4u) December 24, 2025
उनका यह बयान रूस के नेतृत्व के खिलाफ गहरे आक्रोश और युद्ध से उपजे दर्द को दर्शाता है.
क्रिसमस से पहले हुए हमलों से बढ़ा गुस्सा
जेलेंस्की का यह बयान उन हमलों के बाद आया, जिनमें रूस ने क्रिसमस से पहले यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइल, किंझाल हाइपरसोनिक मिसाइल और सैकड़ों शाहेद ड्रोन दागे. इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई शहरों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस ने त्योहारों के दौरान भी आम नागरिकों को निशाना बनाया और किसी भी मानवीय भावना का सम्मान नहीं किया.
यूक्रेन बदले नहीं, शांति के लिए लड़ रहा है
अपने क्रिसमस संदेश में जेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन की लड़ाई बदले की भावना से प्रेरित नहीं है. उन्होंने कहा कि उनका देश शांति के लिए संघर्ष कर रहा है, शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है और उसे न्यायपूर्ण व स्थायी शांति पाने का पूरा अधिकार है.
उन्होंने ईश्वर से यूक्रेन के लिए ऐसी शांति की कामना की, जो लंबे समय तक टिके और जिसमें किसी भी तरह की हिंसा की गुंजाइश न हो.
20 सूत्रीय शांति योजना का जिक्र
क्रिसमस संदेश के बाद मीडिया से बातचीत में जेलेंस्की ने यूक्रेन की 20-पॉइंट पीस प्लान का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यदि युद्ध समाप्त करने का कोई ठोस रास्ता निकलता है, तो यूक्रेन पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र डोनबास से अपनी सेना हटाने पर विचार कर सकता है.
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह तभी संभव होगा जब रूस भी उसी क्षेत्र से अपनी सेना वापस बुलाए, पूरे इलाके को डिमिलिट्राइज्ड ज़ोन घोषित किया जाए और वहां अंतरराष्ट्रीय शांति बलों की तैनाती हो.
रूस की शर्तें और कीव का रुख
वर्तमान स्थिति में रूस ने कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए हैं. रूस लुहांस्क के अधिकांश हिस्से और डोनेत्स्क के बड़े इलाके पर अब भी नियंत्रण बनाए हुए है.
राष्ट्रपति पुतिन की ओर से यूक्रेन पर डोनबास छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन कीव सरकार ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है. यूक्रेन का साफ कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा.
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