"तलवार नहीं, मिसाइल और ड्रोन बनाए युवा", अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्री आगा का छात्रों से अपील

Taliban Defence: अफगान तालिबान सरकार ने अपने युवाओं को आधुनिक हथियारों की ओर प्रेरित करते हुए एक नया संदेश दिया है. शिक्षा मंत्री मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए तलवारों और पारंपरिक हथियारों की नहीं, बल्कि ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइल और लड़ाकू विमानों जैसी उन्नत तकनीक की जरूरत है.

Youth should make missiles and drones not swords Afghan Education Minister Agha appeals students
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Taliban Defence: अफगान तालिबान सरकार ने अपने युवाओं को आधुनिक हथियारों की ओर प्रेरित करते हुए एक नया संदेश दिया है. शिक्षा मंत्री मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए तलवारों और पारंपरिक हथियारों की नहीं, बल्कि ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइल और लड़ाकू विमानों जैसी उन्नत तकनीक की जरूरत है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है.

काबुल में आयोजित एक समारोह में आगा ने छात्रों से सीधे अपील की कि वे विज्ञान और तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर आधुनिक रक्षा क्षमताओं को विकसित करें. उन्होंने कहा कि बुद्धिमत्ता और मेहनत ही अफगानिस्तान को मजबूत बना सकती है, न कि केवल पारंपरिक हथियार. आगा ने जोर देकर कहा कि मुसलमानों में अपार बौद्धिक क्षमता है और इसे सही दिशा में लगाकर देश के लिए उन्नत तकनीक बनाई जा सकती है.

शिक्षा मंत्री का पिछला बयान भी रहा था विवादित

मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने पहले भी 21 सितंबर 2024 को इस मुद्दे पर बात की थी. पक्तिका प्रांत में दिए भाषण में उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान पर अमेरिकी ड्रोन लगातार उड़ान भरते हैं और तालिबान के पास उन्हें रोकने की कोई तकनीकी क्षमता नहीं है. उन्होंने कहा: “हमारा हवाई क्षेत्र अभी भी कब्जे में है. रात के समय अमेरिकी ड्रोन हमारी सीमा में गश्त करते हैं, और हमारे पास उन्हें वापस भेजने या रोकने की क्षमता नहीं है.”

रणनीतिक संदेश और युवाओं की भूमिका

तालिबानी शिक्षा मंत्री का यह बयान सिर्फ़ तकनीकी उन्नति की बात नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी है. आगा युवाओं को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य की लड़ाई तलवारों और हथियारों की नहीं, बल्कि तकनीक और विज्ञान की है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि देश की सुरक्षा में बुद्धि, प्रयास और आधुनिक विज्ञान का बड़ा हाथ होगा.

इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि तालिबान युवाओं को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उन्हें देश की रक्षा और सैन्य क्षमता में योगदान देने के लिए प्रेरित करना चाहता है.

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