योगी सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं के बाद यूपी में दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों को मिलेगी ये बड़ी छूट

उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व सैनिकों और दिव्यांगों को एक विशेष तोहफा दिया है. अब इन दोनों वर्गों को भी स्टाम्प शुल्क में छूट मिलेगी, जो पहले केवल महिलाओं को मिलती थी. यह घोषणा हाल ही में हुई स्टाम्प और पंजीकरण विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में की गई.

yogi government announces stamp duty exemption for ex-servicemen and persons with disabilities
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व सैनिकों और दिव्यांगों को एक विशेष तोहफा दिया है. अब इन दोनों वर्गों को भी स्टाम्प शुल्क में छूट मिलेगी, जो पहले केवल महिलाओं को मिलती थी. यह घोषणा हाल ही में हुई स्टाम्प और पंजीकरण विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में की गई. इसके तहत अब 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति की खरीदारी पर 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जो आर्थिक तौर पर एक बड़ा लाभ है.

महिलाओं के लिए भी बढ़ी छूट की सीमा

पहले राज्य में महिलाओं को स्टाम्प शुल्क में छूट 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर मिलती थी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹10,000 थी. अब इस सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है. इसका मतलब महिलाओं को अब अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने पर भी स्टाम्प शुल्क में भारी राहत मिलेगी. यह कदम महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

ई-भुगतान और डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणामों के बाद सभी जिलों में 20,000 रुपये से अधिक के रजिस्ट्रेशन शुल्क का ई-भुगतान अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं. धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण को लागू करने और विकास प्राधिकरणों के आवंटियों के लिए ‘एकल-खिड़की’ ई-पंजीकरण प्रणाली शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इससे पंजीकरण प्रक्रिया और भी पारदर्शी और आसान होगी.

रिक्त पदों की भरपाई और विक्रेता सुविधाओं में सुधार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी विभागों में लंबित रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए. साथ ही स्टाम्प की बिक्री के लिए और विकल्प तलाशने के साथ विक्रेताओं के कमीशन को उचित बनाने पर भी ध्यान दिया जाए. इसके अलावा छोटे और मध्यम स्तर के किराए के लिए 10 साल तक के लीज एग्रीमेंट पर स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क माफ करने का भी फैसला लिया गया है, जो खासतौर पर किराएदारों और मकान मालिकों के लिए राहत का विषय होगा.

डिजिटलीकरण में हुई तेजी और सुरक्षा उपाय

बैठक में बताया गया कि 2002 से 2017 तक के 99 प्रतिशत विलेख डिजिटलीकृत हो चुके हैं. वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण ई-स्टाम्प के माध्यम से किए जा रहे हैं. मूल्यांकन सूचियों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं और उप-पंजीयक कार्यालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह सभी कदम भ्रष्टाचार को कम करने और प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं. 

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